इस वजह से मई में आसमान से बरस रही आफत

निचले स्तर पर पच्छिम विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम की मार, कानपुर के अलावा आसपास के जनपदों में बारिश का अलर्ट।

By: Vinod Nigam

Updated: 13 May 2020, 03:11 PM IST

कानपुर। दिसंबर 2019 के बाद से मौसम का कहर जारी है। प्रचंड ठंड के बाद तेज बारिश के बाद अब आंधी, ओलावृष्टि के साथ ही वज्रपात से लोग खौफदजा हैं। बुधवार की दोपहर को एकाएक आसमान में काले-काले बादल मंडराने लगे हैं। खेत में फसल की कटाई कर किसान घरों की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं तो वहीं आमशहरी भी घर के अंदर कैद हो गया है चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसारपच्छिम विक्षोभ के निचले स्तर पर सक्रिय होने से मई में आसमान में बादलों का ढेरा है और इसी के चलते लोगों को बेमौसम बारिश से रूबरू होना पड़ रहा है। सीएसए के मानें तो अगले कुछ घंटे के अंदर तेज आंधी, बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। साथ ही वज्रपात का भी अनुमान है।

हरदिन बदल रहा मौसम
अप्रैल से लेकर 13 मई के बीच मौसम हरदिन करवट बदला। कभी धूप तो कुछ घंटे के अंदर तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात ने जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बुधवार की सुबह सूर्य ने दर्शन दिए और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार था। दो बजते-बजते आमसान में बांदल छा गए और हवाएं चलने लगीं। सीएसए के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 36.8 (-2.8) तो न्यूनतम तापमान 24.4 (-0.2) डिग्री सेल्सियम मापा गया। अगले कुछ घंटे के अंदर बारिश का प्रबल संभावना है। फिलहाल 15 मई तक हालात ऐसे ही बनें रहेंगे।

पच्छिम विक्षोभ सक्रिय
सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डाॅक्टर नौशाद खान के मुताबिक मई में पच्छिमी विक्षोभ निचले स्तर पर सक्रिय होने से बेमौसम बारिश के साथ आंधी और वज्रपात से लोगों को रूबरू होना पड़ रहा है। डाॅक्टर खान बताते हैं, पश्चिमी विक्षोभ काला सागर और कैस्पियन सागर से नमी लेकर भारत में पहुंचता है। गर्मियों में हवा का दबाव कम होने की वजह से वायुमंडल के निचली परत में तेज हवाएं चलती हैं, जिससे तूफान हिमालय के ऊपर से निकल जाता है। वहीं सर्दियों में हवा का दबाव अधिक होता है, जिससे तूफान हिमालय से टकरा जाता है। यही वर्षा का कारण बनता है।

इस वजह से चक्रवात
डाॅक्टर खान बताते हैं कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच उतार चढ़ाव से कम वायुदाब का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इसकी वजह से क्षेत्रीय स्तर पर चक्रवात पैदा हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और क्षेत्रीय चक्रवात के मिलने से तेज हवा चलती है। डाॅक्टर खान ने बताया कि 13 मई को मौसम भारी पड़ने वाला है। ऐसे में किसान जल्द से जल्द अपनी फसलों का काट कर सुरक्षित स्थान पर रख लें। खेतों के बजाए घर पर रहें। पेड़ों के नीचे नहीं रूकें।

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