गौरैया की सेवा से दूर होते संकट, दाना-पानी देने से आती समृद्धि

गौरैया की सेवा से दूर होते संकट, दाना-पानी देने से आती समृद्धि

Alok Pandey | Updated: 27 May 2019, 08:40:05 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

रामचरित मानस में भी बताया गया है गौरैया का महत्व,
घर में आगमन होता शुभ, दूर होते वास्तुदोष

कानपुर। जीवन में कामयाबी पानी हो, विघ्न दूर करने हों और माता लक्ष्मी की कृपा पानी हो तो एक आसान उपाय है गौरैया की सेवा। शास्त्रों में भी इसका महत्व बताया गया है। गौरैया को दाना-पानी देने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और खुशहाली आती है। ज्योतिष और रामचरित मानस में भी गौरैया सेवा का महत्व बताया गया है। शास्त्रों में पांच या सात यज्ञ करने के बाद दाना खिलाने का योग है।

मां गौरा का होता आह्वान
गर्मी में गौरैया को दाना और पानी देने का खास महत्व है। शास्त्रों में गौरैया सेवा को गौरा मां की अर्चना से जोड़ा गया है। आचार्य पं. दीपक पाण्डेय का कहना है कि गौरैया को दाना खिलाने और पानी पिलाने से घर में लक्ष्मी आने की सभी बाधाएं दूर बाधाएं दूर होती हैं। मान्यता है कि गौरैया का नाम लेने से मां गौरा माता का आह्वान होता है। रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने गौरैया का महत्व का बखान किया है। माता सीता अशोक वाटिका में गौरैया से स्नेह करती हैं। वह गौरैया में माता पार्वती का स्वरूप निहारती हैं। गौरैया को शिव परिवार से जोड़ा गया है।

वास्तुदोष होता दूर
कहते है कि गौरैया सेवा संकट हरण होती है। पंडित ब्रह्मदत्त शुक्ल का कहना है कि गौरैया की सेवा करने से वास्तुदोष भी दूर होता है। गौरैया में घर आना शुभ होता है। यहीं वजह है कि पहले घर-घर गौरैया को दाना दिया जाता था। गौरैया के पूजन स्थल पर प्रवेश करने से लक्ष्मी का प्रवेश माना जाता है। यही नहीं घर के किसी पात्र में गौरैया स्नान करती है तो इसका भी खास महत्व है।

घोसले रखने का स्थान
यह भी मान्यता है कि गौरैया के बेडरूम में घोसला बनाए तो खुशहाली आती है। पारिवारिक कलह दूर होती है। बाथरूम में घोसला बनाने से मान्यता है कि बीमारियां दूर होती हैं। गौरैया परिवार के साथ आती है तो समझा जाता है कि बड़ा सा बड़ा संकट दूर किया जा सकता है। गौरैया घर में चहकती है तो परिवार के सदस्यों के दोष दूर होते हैं। घर में खुशहाली रहती है। परिवार के शारीरिक पीड़ा दूर होती है।

कमरे में प्रवेश
गौरैया का गुरुवार के दिन प्रवेश का भी महत्व है। यह दिन माता का दिन भी माना जाता है। गुरुवार के दिन प्रवेश से पूरे हफ्ते सोने में सुहागा है। गौरैया घर के किसी कमरे में प्रवेश करती हैं तो असफलता के बंधन से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि गौरैया के स्नान से कार्यों में विध्न नहीं पड़ती है।

 

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