मास्क सेनेटाइजर के अलावा महिलाओं ने वायरस से बचाव के लिए अपनाए तरीके, इस्तेमाल किए ये टोने टोटके

इस वायरस के प्रकोप से बचने के लिए जिले की महिलाओं ने टोने टोटके आजमाए।

कानपुर देहात-देश में कोरोना वायरस की आईं आपदा से निपटने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने आज देशव्यापी जनता कर्फ्यू लगा दी। जिसका जनता ने पूर्ण रूप से सहयोग किया। कानपुर देहात जनपद में इसका भरपूर असर देखने को मिला। समूचे दिन लोग घरों से बाहर नहीं निकले। बाहर विचरण करने वाले लोगों ने भी आज दिनचर्या के सारे काम घर में ही निपटाए। हालांकि इस वायरस के प्रकोप से बचने के लिए शुरुवात से ही सेनेटाइजर का प्रयोग व मास्क के प्रयोग पर पुरजोर बल दिया गया। जिसका लोगों ने उपयोग कर देशहित में समर्थन भी किया। वहीं दूसरी तरफ इस वायरस के प्रकोप से बचने के लिए जिले के झींझक कस्बे में महिलाओं ने टोने टोटके आजमाए।

दरअसल लोग जीवन की सुरक्षा के लिए सभी जतन करने में जुटे हैं। इसके तहत कस्बे कि महिलाओं ने शाम ढलते ही घरों के बाहर घी व कपूर के दीपक जलाए। धीरे धीरे इसकी भनक लगते ही इसका असर पड़ोस के कानपुर नगर व औरैया जनपद में देखने मिला। वहां भी घरों में महिलाओं ने घरों के मुख्य द्वार पर घी कपूर के दीपक जलाकर इस वायरस से अपने परिवार को सुरक्षित रखने के प्रयास किए। स्थानीय महिलाओं संजू देवी, मिथलेश व स्वाती देवी ने बताया कि कपूर व घी के दीपक जलाने के वैज्ञानिक कारण है।

महिलाओं के मुताबिक प्राचीनकाल से ही कपूर व घी के दीपक जलाने की परम्परा रही है। क्योंकि ये दीपक जलाने से इसके धुएं के प्रभाव से घर में बीमारी, बैक्टीरिया, वायरस व अन्य समस्या दूर भागती हैं। महिलाओं के मुताबिक दीपक के धुयें से बैक्टीरिया व वायरस भागते हैं। इसकी जानकारी होते ही कस्बे के आसपास के दर्जनों गांव में घी कपूर के दीपक जलाए गए। मानो दिवाली जैसा खुशनुमा माहौल दिखाई दिया। फिलहाल इस घातक वायरस को लेकर चिंतित जिले के लोग अब खुद को व अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करने में मशगूल हैं।

Arvind Kumar Verma
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