Cyber Crime Alert: मोबाइल गेम खेलते समय रहें सावधान, साइबर ठगों ने ठगी का नया पैंतरा अपनाया, ऐसे बनाते शिकार

ठगों का यह नया तरीका ऐसा है कि ठग तक पहुंचना भी पुलिस के लिए मुश्किल होता है। इसमें ठग और ठगी की रकम के बारे में ठगी के पीड़ित शख्स को भी पता नहीं हो पाता है।

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 20 May 2021, 10:40 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. साइबर ठगों (Cyber Thug) ने अब मोबाइल में गेम (Mobile Game) खेलने वाले युवावर्ग को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। दरअसल ऐसे लोग अपना अधिकांश समय मोबाइल पर देते हैं। ऐसे में मोबाइल फोन पर साइबर ठग लुभावने मैसेज या विज्ञापन भेजकर ठगी का शिकार बनाते हैं। ठगों का यह नया तरीका ऐसा है कि ठग तक पहुंचना भी पुलिस के लिए मुश्किल होता है। इसमें ठग और ठगी की रकम के बारे में ठगी के पीड़ित शख्स को भी पता नहीं हो पाता है। ऐसे विज्ञापन पिछले एक सप्ताह से मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान आ रहे हैं, जिसमें बिटक्वाइन (Bitcoin) खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं।

इस तरह आते हैं मोबाइल में विज्ञापन

देखने की बात है कि ये विज्ञापन अंग्रेजी में बने हैं लेकिन बैकग्राउंड से हिंदी में आवाज होती है। विज्ञापन में पूछा जाता है, बिटक्वाइन खरीदा क्या। इसमें एप इंस्टाल करने को कहा जाता है। एक कोड भी दिया जाता है। कोड डालते ही बिटक्वाइन जीतने का लालच दिया जाता है। जबकि बिटक्वाइन भारत में गैर कानूनी है। अभी तक रिजर्व बैंक ने इसे मान्यता नहीं दी है। वर्चुअल करंसी होने की वजह से इसका यह पता नहीं होता कि कौन व्यक्ति इसे दे रहा है और रुपये लगाने के बाद भी करंसी वास्तव में किसके पास है।

भारत में बिटक्वाइन है गैर कानूनी

बताया गया कि एक बिटक्वाइन की कीमत वर्तमान में 29,71,348 रुपये है। इसी लालच में फंसकर युवा एप डाउनलोड कर लेते हैं और इसमें रुपये लगाते चले जाते हैं। जबकि इसके भुगतान का तरीका मालूम नहीं होता और इस तरह ठगी का शिकार हो जाते हैं। आयकर अधिकारियों के मुताबिक बिटक्वाइन दुनिया के तमाम देशों में मान्य है, लेकिन भारत में गैरकानूनी है। रिजर्व बैंक ने भी इसे मान्यता नहीं दी है। इस तरह के गेम तो कोई भी चला सकता है और बिटक्वाइन को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने वाले दूसरे देश में बैठकर उसके बीच में विज्ञापन लगवा लेते हैं। युवाओं को इससे सावधान रहना चाहिए क्योंकि यह गैरकानूनी है।

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