सीज अस्पताल के अंदर चल रहा था मौत का ऐसा खेल, जानिए क्या है पूरा मामला

सीज अस्पताल के अंदर चल रहा था मौत का ऐसा खेल, जानिए क्या है पूरा मामला

Arvind Kumar Verma | Updated: 10 Jul 2019, 05:50:39 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

बताया जा रहा है कि बीते 7 जून को सीएमओ की टीम ने इसे सीज कर दिया था।

कानपुर देहात-कानपुर देहात में मानकों को ताक पर रखते हुए अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे अस्पताल लगातार लोगों को मौत बांट रहे हैं। ऐसा ही मामला कानपुर देहात के अक़बरपुर कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत न्यू रमाशिव हॉस्पिटल का सामने आया, जो सीज होने के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा था। एक ऐसा अस्पताल जो प्रशासन की नजरों में बंद था लेकिन अस्पताल के अंदर जिंदगी मौत का खेल चल रहा था। बताया जा रहा है कि बीते 7 जून को सीएमओ की टीम ने इसे सीज कर दिया था। इसके बाद भी यहां मरीजो का इलाज चल रहा था। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब मंगलपुर निवासी एक महिला मरीज की जान चली गयी। हालांकि पूरा स्टॉफ फरार हो गया। मौके से एक स्टॉफ नर्स को हिरासत में लिया गया है।

 

सीज अस्पताल में चल रहा था इलाज

दरअसल जिले के मंगलपुर निवासी ममता को उल्टी व दस्त की शिकायत थी। जिसके इलाज के लिए परिजनों ने उन्हें यहां भर्ती कराया था। तीमारदार के अनुसार ममता को तीन इंजेक्शन दिए गए। जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत होते ही पूरे स्टॉफ में हड़कंप मच गया और पलक झपकते ही पूरा स्टॉफ मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंच गई, जहां बस एक स्टॉफ नर्स मिली, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं मामले की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अनूप कुमार मौके पर पहुंचे।

 

एएसपी बोले गैंगस्टर की होगी कार्रवाई

एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि सीज अस्पताल में चोरी छिपे इलाज किया जा रहा था। इस मामले में अस्पताल संचालक के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही की जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि जनपद में प्राइवेट अस्पतालों की भरमार है। इन अस्पतालों के द्वारा किसी भी मानक को पूरा नही किया जा रहा है और यहां अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर भी बिना डिग्री के कार्यरत हैं। इनके पास न ही कोई डिग्री है न ही कोई अनुभव है। इसके बाद भी ऐसे अस्पताल लगातार धड़ल्ले से मौत बाँट रहे है। फिर आखिर स्वास्थ्य विभाग इनके खिलाफ कार्यवाही करने में क्यों गुरेज कर रहा है। इस हीलाहवाली की वजह से इसका खामियाजा कानपुर देहात के मरीजों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

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