नेजल वैक्सीन ट्रायल के प्रथम चरण में 50 वॉलिंटियर ने ली डोज, नाक के जरिए दी गई डोज

-नेजल वैक्सीन ट्रायल का प्रथम चरण कानपुर प्रखर हॉस्पिटल में हुआ पूरा
-50 वॉलिंटियर को नाक के जरिए स्प्रे कर दी गई वैक्सीन डोज

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 02 Sep 2021, 07:16 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. कोरोना (Corona Virus) से बचाव के लिए नेजल वैक्सीन (Nasal Vaccin) ट्रायल के प्रथम चरण में 50 वॉलिंटियर को वैक्सीन डोज (Covid Vaccine) दी गई। यह डोज नाक में स्प्रे के द्वारा दी गई है। बुधवार को नेजल वैक्सीन का ट्रायल का प्रथम चरण पूरा हुआ है। स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine By Nose) कोवाक्सिन की नेजल डोज का ट्रायल कानपुर के आर्यनगर स्थित प्रखर अस्पताल में किया गया। इन 50 वॉलिंटियर को वैक्सीन देने के बाद उसकी रिपोर्ट आईसीएमआर (ICMR) को भेज दी गई।

नेजल वैक्सीन ट्रायल के चीफ इन्वेस्टीगेटर प्रोफेसर जेएस कुशवाहा ने बताया कि डोज देने के बाद इन वॉलिंटियरों को 28 दिन के बाद बुलाया गया है। तब रक्त और लार का सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके ट्रायल में दो बार नाक से वैक्सीन की डोज दी जानी है। पहली और दूसरी दोनो डोज में वॉलिंटियर के नाक में कुल 16 बूंदें वैक्सीन की डाली जाएंगी।

नेजल वैक्सीन होने की वजह से वॉलिंटियर के रक्त के साथ लार का भी सैंपल लिया जाएगा। इसमें कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज देखी जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकांशतः लोगों में कोरोना का संक्रमण नाक से होता है। वायरल गले में आता है और फिर फेफड़ों में जाता है। नाक में वैक्सीन डालने से वायरस गले में नहीं उतर पाएगा। आंख और मुंह से संक्रमण होने पर भी वायरस गले से होकर ही फेफड़ों में जाता है। दावा किया कि नेजल वैक्सीन कारगर साबित होगी।

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