एक ऐसा गांव जहां दो देव करते हैं पहरेदारी, नहीं आती कोई विपत्ति

Arvind Kumar Verma

Updated: 14 Jul 2019, 04:29:23 PM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर देहात-लोगों के अपने अलग अलग ईष्ट हैं और उनके प्रति अलग अलग आस्था है। उसी तरह देव व देवी स्थानों का अलग अलग महत्व भी है। ऐसा ही कानपुर देहात के रसूलाबाद के मालका पुरवा में स्थापित शनिदेव मंदिर हैं, जहां की आस्था दूर दराज तक भक्तों में समाहित हैं। लोगों की मान्यता है कि इस शनिदेव मंदिर में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसके चलते लोग मन्नत पूरी होने पर चढ़ौती चढ़ाने आते हैं। बताया जाता है कि शनिवार के दिन इस मंदिर में लोग तेल चढ़ाकर दीपक जलाते हैं। यहां के ग्रामीण बताते हैं कि गांव मे बना यह मंदिर करीब 50 वर्षों पुराना है। जो कि भक्तों के दिलों मे आस्था का केंद्र बना हुआ है। शनिदेव प्रतिमा के समीप ही बजरंग बली की प्रतिमा शोभायमान है।

 

कहा जाता है कि करीब पचास वर्ष पूर्व इस स्थल पर शनिदेव की प्रतिमा जमीन से निकली थी। इसके बाद लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए मूर्ति स्थापना कर मंदिर का निर्माण कराया। इसके बाद यहां लोगों की धीरे धीरे आस्था बढ़ने लगी। आज दूर दराज से लोग मत्था टेकने आते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि इस मंदिर के निर्माण के बाद से गांव में कोई विपत्ति नही आती है, ये सब शनिदेव की कृपा है। लोग कहते हैं जिनके कुप्रभाव से लोग भय खातें हैं, वही शनिदेव इस गांव की रक्षा करते हैं। वहीं मंदिर में दर्शन के लिए रसूलाबाद से आई महिला श्रद्धालु ने बताया कि बेटी की मुराद पूरी होने पर दर्शन करने आये हैं। मंदिर में करीब 3 वर्ष से सेवा कर रहे पुजारी अशोक कुमार की मानें तो शनिवार के दिन हजारों की संख्या मे भक्त आते हैं और मन्नतें मांगते हैं। शनिदेव के धाम पर आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है।

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