पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों ने घर बनवाने वालों का छुड़ाया पसीना

पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों ने घर बनवाने वालों का छुड़ाया पसीना

Alok Pandey | Publish: Sep, 10 2018 09:24:12 AM (IST) | Updated: Sep, 10 2018 09:24:13 AM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों ने घर बनवा रहे लोगों के लिए चिंता खड़ी कर दी है. डीजल के बढ़ते दामों के चलते मौरंग, गिट्टी और सीमेंट की ढुलाई में आने वाला खर्च 9 महीने में 22 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है, जिसका असर अब इनकी कीमतों पर भी पड़ेगा क्योंकि ट्रांसपोर्टर्स ने भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया है.

कानपुर। पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों ने घर बनवा रहे लोगों के लिए चिंता खड़ी कर दी है. डीजल के बढ़ते दामों के चलते मौरंग, गिट्टी और सीमेंट की ढुलाई में आने वाला खर्च 9 महीने में 22 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है, जिसका असर अब इनकी कीमतों पर भी पड़ेगा क्योंकि ट्रांसपोर्टर्स ने भाड़ा बढ़ाने का फैसला किया है. शहर में ज्यादातर मौरंग और गिट्टी की आवक हमीरपुर, उरई, जालौन व फतेहपुर, बांदा जैसे इलाकों से होती है. इनकी कीमतों में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी जुड़ी रहती है. ऐसे में माल भाड़ा बढऩे का सीधा असर बिल्डिंग मैटीरियल की कीमतों पर पड़ेगा.

इस क्रम में पड़ा है असर

- 200 किमी दूरी में लगने वाला औसत डीजल 100 लीटर

- जनवरी तक लागत 6000 रुपए

- सितंबर में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट 7300 रुपए

- 200 किमी दूरी से एक ट्रक माल मंगवाने पर 1300 रुपए से ज्यादा बढ़ी ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट

- 450 से 600 फीट एक ट्रक में आती है मौरंग

- जनवरी से सितंबर के बीच 13 रुपए से ज्यादा बढ़े डीजल के भाव

- ओवरलोडिंग की वजह से प्रति लीटर 2 किमी का ही एवरेज देता है मौरंग या गिट्टी लदा ट्रक

- प्रति घन फुट मौरंग के भाव कम होने के बाद भी ट्रांसपोर्टेशन

कमी का कोई असर नहीं
बारिश के बाद खनन पर रोक खत्म होने से मौरंग व गिट्टी की कीमतों में कमी आई है. बरसात के सीजन में जहां यह प्रति घन फीट मौरंग की औसत कीमत 70 से 80 रुपए के बीच थी. जबकि अब यह कीमतें 55 से 70 रुपए तक हो गई हैं. फिर भी जिस हिसाब से कीमतें गिरी उसका फायदा कंस्ट्रक्शन सेक्टर को मिल पाता उस दौरान ट्रांसपोर्टेशन लागत उससे ज्यादा बढ़ गई.

मौरंग गिट्टी की हर रोज ऐसे होती है सप्लाई
रोजाना करीब 400 ट्रक मौरंग कानपुर के लिए भेजे जाते है. इसके अलावा 200 ट्रक मोटी और मीडियम गिट्टी की सप्लाई यहां के लिए रोजाना की जाती है. इसके इतर 500 से ज्यादा ट्रांसपोर्टर यहां मौरंग गिट्टी और सीमेंट की सप्लाई से जुड़े हुए हैं. अब अनुमान लगाइए कि इस तरह से कीमतों के बढ़ने का घर बनवाने पर कितना असर पड़ेगा.

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