किसानों की परेशानी पर कमिश्नर हुए खफा, दिए फिर ऐसे निर्देश कि उड गये सभी के होश

किसानों की परेशानी पर कमिश्नर हुए खफा, दिए फिर ऐसे निर्देश कि उड गये सभी के होश

Arvind Kumar Verma | Updated: 04 Jun 2019, 11:33:33 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

खरीद की समीक्षा में खराब प्रगति पर आयुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई है।

कानपुर देहात-शासन ने किसानों को लाभान्वित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है, बावजूद इसके जिम्मेदारों के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल सरकार ने किसानों को गेहूं फसल का उचित मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विटल घोषित किया गया, जिससे उन्हें भरपूर फसल का समर्थन मूल्य मिल सके। इसके साथ ही 20 रुपये प्रति क्विटल गेहूं उतारने के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था बनाई गई। इसके बावजूद जिले में गेहूं खरीद की हालत खस्ता है। इस जानकारी पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए जिला गेहूं खरीद अधिकारी को चेतावनी जारी करने के निर्देश डीएम को दिए हैं।

 

आपको बता दें कि मंडी में गेहूं की दर 1800 रुपये पार करते ही सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गई है। जिले में इस बार 57500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है, इसके लिए 71 क्रय केंद्र खोले गए हैं। 24 मई तक 22629.48 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जो लक्ष्य का सिर्फ 39.36 फीसदी है। मंडी में किसानों का गेहूं 1800 से 1810 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आढ़तिया नकद खरीद रहे हैं। ऐसे में नकद दाम तत्काल मिलने व सरकारी खरीद में मानकों का पेंच होने के कारण किसान सरकारी क्रय केंद्र पर जाने से कतरा रहे हैं। जिले में 24 मई तक खरीद की समीक्षा में खराब प्रगति पर आयुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई है। डीएम को निर्देशित किया है कि जिला गेहूं खरीद अधिकारी को चेतावनी जारी करते हुए क्रय एजेंसियों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई करें ताकि 15 जून तक खरीद की समय सीमा तक लक्ष्य पूरा किया जा सके।

 

गेहूं खरीद में अधिकारियों की हीलाहवाली पर कमिश्नर ने सख्त रुख अख्तियार किया है। राजस्व प्रशासन की टीमें लगाकर लगातार निरीक्षण कराने के निर्देश डीएम को दिए हैं। कमिश्नर ने निर्धारित समय पर गेहूं खरीद लक्ष्य पूरा न होने पर उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर तौल में तेजी लाने तथा किसानों की समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां गति सुस्त है, वहां केंद्र प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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