10 किलोमीटर गंगा यात्रा के दौरान कमिश्नर ने हकीकत देखने के बाद दिए निर्देश

- कमिश्नर ने जल निगम सहित अन्य अधिकारियों के साथ की 10 किलोमीटर की गंगा यात्रा

By: Narendra Awasthi

Published: 23 Jan 2021, 10:39 PM IST

कानपुर. गंगा की निर्मलता को देखने के लिए कमिश्नर राजशेखर ने आज लगभग 10 किलोमीटर तक नौका यात्रा की। इस दौरान उन्होंने नमामि गंगे के अंतर्गत हो रहे कार्यों का निरीक्षण किया। साथ चल रहे हैं अधिकारियों को भी निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के अंतर्गत हो रहे कार्यों में बृहद जागरूकता अभियान, नए एसटीपी की स्थापना, सीवेज फ्लो के सभी स्रोतों का टैप करना, नए पंपिंग स्टेशन स्थापित करना आदि शामिल हैं। शहर में भी जल निगम, नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा इस दिशा में कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।

 

कमिश्नर की 10 किलोमीटर की गंगा यात्रा

कमिशनर और उनकी टीम ने अटल घाट से सिद्धनाथ मंदिर तक लगभग 10 किमी तक नाव से निरीक्षण किया। साइट निरीक्षण के दौरान, गोला घाट नाला और दुबका नाला नदी में गिर रहा था। जिस पर कमिश्नर ने तत्काल ठीक कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली व्यवस्था के लिए एक जनरेटर भी रखने के निर्देश दिए। प्रत्येक नाला के लिए एक जूनियर इंजीनियर की तैनाती का भी निर्देश दिया। जो प्रतिदिन साइट पर जाकर निरीक्षण करेगा और कमी को तत्काल ठीक कर आएगा। ड्रोन कैमरे के माध्यम से गंगा की निगरानी की जाएगी जो पूरी लंबाई में उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि अगले महीने से सभी घाट और नालों को जीपीएस कोऑर्डिनट्स को ड्रोन कैमरे में फीड करें और उसे कंट्रोल रूम से निगरानी करें। निरीक्षण के दौरान घाट और नालों के पास अपशिष्ट का ढेर मिला जिस अभियान चलाकर कर साफ करने के निर्देश दिए।

 

16 मेजर नाला में से 11 को टैप किया गया

जीएम जल निगम ने बताया की पिछले वर्षों में कुल 16 मेजर नाला गंगा में गंदगी गिराते थे। इनमें से 11 को नमामि गंगे परियोजना के तहत पूरी तरह से टैप किया गया है और पास के सीवेज पाइपलाइन से जोड़ा गया है। 5 नाला को अस्थायी रूप से प्रवेश बिंदु के पास एक सम्प वेल बनाकर और फिर मोटर पंपों द्वारा अपशिष्ट जल को पास के सीवेज पंपिंग स्टेशन पर पंप करके टैप किया गया है।

 

₹48 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा गया केंद्र को

जीएम जल निगम ने बताया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत यूपी सरकार के माध्यम से भारत सरकार को ₹ 48 करोड़ का प्रोजेक्ट एस्टीमेट भेजा गया है। जो 5 अस्थायी नाला के नजदीकी पम्पिंग स्टेशनों से स्थायी रूप से टैप करने के लिए बनाया गया है। यदि यह स्वीकृत होता है तो अनुमोदन के 6 महीने में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बीके गर्ग जीएम जल निगम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, अपर नगर आयुक्त, अभियंता सिंचाई, ईई जल निगम, ईई नगर निगम व अन्य सिंचाई, जल निगम के अधिकारी मौजूद थे।

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