आईपीएस को देख रो पड़े डीजीपी, ईश्वर के हाथों में एसपी की जिंदगी

Vinod Nigam | Publish: Sep, 08 2018 08:14:32 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

आईपीएस सुरेंद्र दास ने बुधवार को खाया थ जहर, हालत बिगड़ने पर उन्हें देखने के लिए कानपुर पहुंची डीजीपी ओपी सिंह

कानपुर। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह शनिवार की शाम कानपुर पहुंचे। वो यहां रीजेंसी अस्पताल में जाकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे आईपीएस सुरेन्द्र कुमार दास को देखा। डीजीपी अस्पताल में करीब एक घंटे से ज्यादा तक रूके। आईपीएस अधिकारी का इलाज कर रहे मुम्बई के डॉक्टर्स के साथ डीजीपी ने बातचीत की। डीजीपी ने बताया कि डॉ़क्टर्स पिछले कई घंटों से दिनरात मेहनत कर सुरेंद्र दास को बचाने के लिए जुटे हुए हैं, पर उनकी हालत में अभी सुधार नहीं हुआ। डीजीपी ने कहा कि दवा के साथ दुआवों का दौर जारी है। अब हमारे आईपीएस की जिंदगी की बागडोर ईश्वर के हाथों में है। अस्पताल में मिल रही मेडिकल सुविधाओं की डीजीपी ने प्रसंशा की और आईपीएस सुरेंद्र दास के बैच मेट्स का साथ देख उनकी सराहना की। डीजीपी ने बताया कि पुलिस चौबीस घंटे काम करती है, और इसी के चलते अब अफसर ज्यादा तनाव में रहते हैं। जल्द पुलिसबल को भी अवकाश मिले उसके लिए सरकार से बात की जाएगी।

एक घंटे तक अस्पताल में रूके डीजीपी
घरेलू विवाद के चलते बुधवार को आईपीएस सुरेंद्र दास ने 25 ग्राम सल्फास खाकर सुसाइड की कोशिश की। हालत बिगड़ने पर उन्हें शहर के रीजेंसी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। जहां उनकी हालत गंभीर बनीं हुई है। सल्फास ने सुरेंद्र दास के शरीर के कई पार्ट को क्षति पहुंचाई है। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली के सहारे रखा गया है। दास के एक पैर में ब्लड की सप्लाई नहीं पहुंच रही है। आईपीएस सुरेन्द्र दास की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही डीजीपी ओपी सिंह कानपुर पहुंचे और आईसीयू में जाकर अपने अफसर के बारे में जानकारी ली। डीजीपी ओपी सिंह करीब एक घंटे तक अस्पताल में रूककर आईपीएस सुरेंद्र दास के इलाज के बारे में जानकारी डॉक्टर्स से ली। डीजीपी ने बताया कि आज के दौर में पुलिस तनाव में काम कर रही है और इसी के चलते कई अधिकारी मौत को गले लगा चुके हैं। आईपीएस सुरेंद्र दास की हालत गंभीर बनी बनी हुई है। अब उनकी जिंदगी का बागडोर ईश्वर के हाथ में है और यूपी पुलिस अपने अफसर को बचाने के लिए भगवान की शरण में जाकर प्रार्थना कर रही है।

ईश्वर के दर पर यूपी की पुलिस
डीजीपी ने बताया कि डॉक्टर्स तो इलाज कर रहे हैं, पर उससे ज्यादा आईपीएस को दुआ की जरूरत है। हम यूपी पुलिसबल के जवानों से अपील करते हैं कि वो अपने होनहार अफसर के जल्द ठीक होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें। इस मौके पर एडीजी अविनाश सिंह, एसएसपी अनंत देव भी मौके पर मौजूद थे। डीजीपी ने बताया कि आईपीएस एक इमानदार और मिलनसार इंसान थे। उन्होंने जहर क्यों खाया, इसकी जांच पुलिस कर रही है। डीजीपी आईपीएस की मां और भाई से भी मिलें और उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं आईपीएस की पत्नी डॉक्टर रवीना भी अस्पताल में थीं, लेकिन वो मीडिया से दूरी बनाए हुए थीं।

डॉक्टर्स की जारी है जंग
आईपीएस को बचाने के लिए मुम्बई के साथ ही रीजेंसी और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स की टीम लगातार जुटी हुई हैं। डॉक्टरों ने आज एसपी के पैर का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन 5 डाक्टरो की टीम ने किया। चार दिन से भर्ती आईपीएस सुरेंद्र दास की हालत शनिवार दोपहर और बिगड़ गई। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया है। एक पैर में ब्लड की सप्लाई भी नहीं हो रही है। रीजेंसी अस्पताल के सीएमएस राजेश अग्रवाल ने बताया अभी 7,8 घंटे बाद ही इस ऑपरेशन के बारे में कहा जा सकता है। एसपी सुरेंद्र दार की हालत में कोई सुधार नहीं आ रहा है। उनके शरीर में दिल और फेफड़े ठीक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं।

तनाव के चलते उठाया कदम
एसपी सिटी आईपीएस सुरेंद्र दास आत्महत्या मामले में पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया था। इसमें आईपीएस अधिकारी ने पारिवारिक कारण और निजी तनाव का हवाला दिया है। सुसाइड नोट हिंदी और अंग्रेज दोनों में लिखा गया है। पुलिस ने सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग से मैच के लिए भेजा गया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पत्नी के साथ झगड़े की बात सामने आई है। एसएसपी के मुताबिक जहर खाने के बाद सुरेंद्र कुमार ने पत्नी डॉ.रवीना को सुसाइड नोट पकड़ा दिया था। कहा था कि हमने जहर खाया है, तुमको या किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। यह सुनते ही पत्नी ने कहा कि आप नहीं होंगे तो इस पत्र का हम क्या करेंगे। गुस्से में पत्नी ने पत्र को मोड़कर (गोला बनाकर) कमरे में ही फेंक दिया था। इस पत्र को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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