कोरोना वायरस: ट्रेनों के कोच कोरोना से लडऩे में आएंगे काम, रेलवे ने उठाया बड़ा कदम

रेलवे कोच को बनाया जाएगा आईसोलेशन वार्ड, संदिग्धों को यहां रखा जाएगा
कानपुर न्यू कोचिंग कांप्लेक्स में तैयार किए जाएंगे ३० कोच, काम शुरू हुआ

कानपुर। कोरोना के खिलाफ देश भर में चल रही जंग में अब रेलवे भी सहयोग कर रहा है। लॉकडाउन के कारण ट्रेनों का संचालन बंद करने के बाद रेलवे मास्क, सैनिटाइजर, चिकित्सीय उपकरण तो बना ही रहा था। अब एक कदम और आगे बढ़ते हुए आइसोलेशन के लिए कम पड़ रही जगह की पूर्ति भी करेगा। इसके लिए रेलवे ने पुराने कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने का काम शुरू कर दिया है।

१४ अप्रैल तक तैयार होंगे कोच
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी में इजाफा होते देखकर अब आइसोलशन वार्ड बढ़ाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस ओर रेलवे ने भी कदम बढ़ाए हैं। कानपुर न्यू कोचिंग कांप्लेक्स को भी 30 आइसोलेशन कोच तैयार करने हैं, यहां पहले चरण में 17 कोचों में काम शुरू हो चुका है। बाकी कोचों को 14 अप्रैल तक तैयार किया जाएगा। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को क्वांरटाइन में रखने के लिए सात बेड लोको अस्पताल और छह बेड अनवरगंज स्थित आरपीएफ की छोटी बैरक में व्यवस्था करने के बाद अब आइसोलेशन वार्ड तैयार करने में रेलवे जुट गया है।

एक कोच में आठ बेड होंगे
आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए पुराने आइसीएफ (इंट्रीग्रल कोच फैक्ट्री) कोच का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक कोच में आठ मरीजों के लिए बेड तैयार किए जा रहे हैं। वहीं कोच में एक तरफ शौंचालय तो दूसरी तरफ स्नानागृह तैयार किया है। मच्छरों से बचाव के लिए खिड़कियों पर नटबोल्ट की वेल्डिंग करने के बाद उस पर मच्छरदानी लगाई जा रही है। साइड अपर बर्थ के स्थान पर आक्सीजन सिलेंडर रखने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया पहले चरण में 17 में 11 कोचों का काम पूरा होने की कगार पर है। कोच की फिटनेस चेक कराने के बाद इन्हें सैनिटाइज कराकर बंद किया जाएगा।

आलोक पाण्डेय
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