कमलरानी वरुण का पार्थिव शरीर कानपुर आवास पहुंचते ही छाया मातम, रो पड़े क्षेत्रीय लोग

इलाज के लिए उन्हे पीजीआई लखनऊ मे भर्ती कराया गया था।

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 02 Aug 2020, 05:07 PM IST

कानपुर देहात-यूपी सरकार की प्राविधिक शिक्षा की कैबिनेट मंत्री एवं घाटमपुर विधायक कमलरानी वरुण का आज सुबह लखनऊ के पीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। जिसके बाद पार्टी सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक सफर में लोकप्रिय रहीं कमलरानी की 62 वर्ष की अवस्था में कोरोना चपेट में आने से निधन होने की पुष्टि चिकित्सकों द्वारा की गई। बताया गया कि 19 जुलाई को उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। इलाज के लिए उन्हे पीजीआई लखनऊ मे भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों सहित परिजनों ने मातम छा गया। उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास बर्रा कानपुर लाया गया। लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने के चलते दूर से ही लोगों को अंतिम दर्शन कराए गए। उनके शव को एंबुलेंस के अंदर ही रखा गया।

जहां परिजनों सहित बीजेपी नेताओं व कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें अन्तिम विदाई देते हुए पुष्प अर्पित किए। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री ने गहरा दुःख प्रकट किया है। उनके पार्थिव शव के कानपुर आवास पर पहुंचते ही लोगों में मातम छा गया। लॉकडाउन के चलते अधिकांश लोगों ने घरों कि छतों से अन्तिम दर्शन करते हुए पुष्प अर्पित किए। कमलरानी वरुण ने राजनीति सफ़र में पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाई। इसके चलते घाटमपुर विधायक बनने के बाद उन्हें यूपी के सीएम ने प्राविधिक शिक्षा में कैबिनेट मंत्री का दायित्व सौंपा था। यहीं से वो सांसद रहकर लोगों के बीच लोकप्रिय बनी थीं। आज उनकी अंतिम विदाई में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

वहीं जिलाधिकारी कानपुर ब्रह्मदेव तिवारी ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार भैरवघाट पर करने की सूचना मिली है। ऐसे लोकप्रिय नेता एवं मंत्री के अन्तिम विदाई में जिला प्रशासन दुख प्रकट करता है।

Arvind Kumar Verma
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