कानपुर में घर बनाना होगा अब और भी महंगा

मानचित्र, मलबा समेत सभी शुल्क में पांच फीसदी होगी बढ़ोत्तरी
केडीए ने की तैयारी, एक अप्रैल से लागू हो सकता है नया शुल्क

कानपुर। शहर में घर बनाने का सपना संजोए लोगों की जेब अब और हल्की होगी। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने मानचित्र, मलबा समेत तमाम शुल्क में एक अप्रैल से वृद्धि करने की तैयारी है। जिससे घर बनाना अब और भी महंगा हो जाएगा। फिलहाल पांच फीसद तक शुल्क बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में आम जनता की जेब और हल्की होना तय है। जल्द ही नए शुल्क की घोषण की जा सकती है।

कास्ट इंडेक्स के आधार पर होती वसूली
भवन का मानचित्र स्वीकृत करते समय कास्ट इंडेक्स के आधार पर शुल्क वसूला जाता है। हर वर्ष एक अप्रैल से शुल्क में बदलाव किया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक इस बार यह वृद्धि पांच फीसद के करीब तक हो सकती है। जिस मद में शुल्क कम है, वहां कम भार पड़ेगा लेकिन जहां शुल्क ज्यादा है, वहां यह शुल्क काफी ज्यादा हो जाएगा।

मौजूदा मानचित्र शुल्क
शहर में इस समय केडीए द्वारा लागू शुल्क में आवासीय मानचित्र के लिए 300 वर्ग मीटर तक 9.10 रुपये प्रति वर्ग मीटर, 300 वर्ग मीटर से अधिक 14 रुपये प्रति वर्ग मीटर, ग्रुप हाउसिंग कवर्ड एरिया पर 64 रुपये प्रति वर्ग मीटर, व्यावसायिक कवर्ड एरिया पर 74.30 रुपये प्रति वर्ग मीटर, औद्योगिक भूखंड क्षेत्रफल 1000 वर्ग मीटर तक 1803 रुपये प्रति वर्ग मीटर और 1000 वर्ग मीटर से अधिक पर 18,025 रुपये प्रति वर्ग मीटर वसूला जा रहा है।

अन्य शुल्क
केडीए द्वारा इस समय निरीक्षण शुल्क (तलपट मानचित्र को छोडक़र अन्य सभी मानचित्र के लिए) 19.10 रुपये प्रति वर्ग मीटर, तलपट मानचित्र पर (ग्र्रास एरिया पर) निरीक्षण शुल्क 3.60 रुपये प्रति वर्ग मीटर, तलपट मानचित्र पर (ग्र्रास एरिया पर) मानचित्र शुल्क 1287 रुपये प्रति हेक्टेयर लिया जाता है। इसके अलावा मलबा शुल्क 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर, वाह्यï विकास शुल्क 1778.50 रुपये प्रति वर्ग मीटर भी लागू है। जल्द ही इनमें बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

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आलोक पाण्डेय
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