डीएमएसआरडीई का सेना को तोहफा, अब नई हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट पहन सैनिक करेंगे कमाल

डीएमएसआरडीई ने एक ऐसी बुलेट प्रूफ जैकेट तैयार की है, जिसका वजन करीब नौ किलोग्राम है। इस नई हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट (Light Weight Bullet Proof Jacket) को पहन कर हमारे जवान सरहद की निगेहबानी आसानी से कर सकेंगे।

By: Mahendra Pratap

Published: 02 Apr 2021, 06:46 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर. कानपुर स्थित डीआरडीओ की लैब डिफेंस मैटेरियल्‍स एंड स्‍टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्‍टैब्लिशमैंट (डीएमएसआरडीई) ने सैनिकों के जीवन की रक्षा के लिए एक रक्षा कवच तैयार कर उन्हें तोहफा दिया है।डीएमएसआरडीई ने एक ऐसी बुलेट प्रूफ जैकेट तैयार की है, जिसका वजन करीब नौ किलोग्राम है। इस नई हल्की बुलेट प्रूफ जैकेट (Light Weight Bullet Proof Jacket) को पहन कर हमारे जवान (soldier amazing) सरहद की निगेहबानी आसानी से कर सकेंगे।

अभी बुलेट प्रूफ जैकेटों का वजन 10.5 किग्रा :- दुनिया में पहली आधिकारिक बुलेट प्रूफ जैकेट सन् 1915 में ब्रिटिश आर्मी डिजाइन कमेटी ने तैयार की है। उसके बाद लगातार शोध से अच्छी और उन्नत किस्म की जैकेटें लगातार बन रही हैं। भारत में एक सामान्‍य बुलेट प्रूफ जैकेट का वजन 14 किग्रा से लेकर 16 किलोग्राम तक होता है। पर भारतीय सेना के जवान और ऑफिसर जिस बुलेट प्रूफ जैकेट अभी पहनते हैं उसका वजन 10 से 10.5 किलोग्राम के बीच है।

अगर Aadhaar Card गुम हो गया है तो घबराए नहीं सिर्फ पांच मिनट में मिल जाएगा नया कार्ड

मददगार भी और बढ़ाएगी मनोबल :- डीएमएसआरडीई की नई बुलेट प्रूफ जैकेट का वजन सिर्फ 9 किलोग्राम है। प्रयोग में लाई जा रही जैकेटों से करीब डेढ़ किलोग्राम कम। इस जैकेट का नाम फ्रंट हार्ड आर्मर पैनल जैकेट दिया गया है। जैकेट की हर परिस्थिति में टेस्टिंग की गई। टर्मिनल बैलेस्टिक रिसर्च लैबोरेट्री (टीबीआरएल) चंडीगढ़ ने इसे हर टेस्ट में पास कर दिया है। अब डीआरडीओ की यह जैकेट सेना के जवानों के लिए जहां मददगार होंगी वहीं उनका मनोबल भी बढ़ाएंगी।

बुलेटप्रूफ जैकेट 'शक्ति' :- वर्ष 2021 की शुरुआत में भारतीय सेना ने एक और खास उपलब्धि हासिल की है। सेना के मेजर अनूप मिश्रा ने दुनिया की पहली यूनिवर्सल बुलेटप्रूफ जैकेट विकसित की है। इस स्वदेशी बुलेटप्रूफ जैकेट को 'शक्ति' नाम दिया है। इस जैकेट की खासियत यह है कि, यह महिला और पुरुष दोनों पहन सकेंगे। साथ ही यह जैकेट दुनिया का पहला फ्लेक्सिबल बॉडी आर्मर भी है।

एके 47 की बुलेट नहीं भेद सकेगी :- डीएमएसआरडीई का दावा है कि एके 47 की बुलेट भी इस जैकेट को नहीं भेद सकेगी। वैसे गोली जब बुलेट जैकेट में टकराती है तो पहली लेयर को भेद नहीं पाती है। यह इतनी मजबूत होती है कि उसके आगे का हिस्सा टूट जाता है। और गोली क्षमता कम हो जाता है। अगर गोली में कुछ ताकत बची भी रहती है तो उसे अन्य लेयर झेल लेतीं हैं। सैनिकों को कोई नुकसान नहीं होगा।

बड़ी उपलब्धि :- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन चेयरमैन डॉ सतीश रेड्डी ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। कहाकि, अब सैनिकों की राह आसान होगी। भारतीय सेना को अप्रैल 2020 तक 1.86 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट्स की जरूरत थी।

Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned