खादी और खाकी ने तैयार की स्क्रिप्ट, हिट-एंड-रन केस के आरोपी को मिली बेल

खादी और खाकी ने तैयार की स्क्रिप्ट, हिट-एंड-रन केस के आरोपी को मिली बेल
up police

Shatrudhan Gupta | Updated: 10 Dec 2017, 10:18:27 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामूलह धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेस किया, जहां जज ने उसे जमानत दे दी।

कानपुर. शहर के नामी कारोबारी के रईस जादे बेटे ने अपनी लग्जरी कार से गरीब को रौंदकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची और तभी भाजपा के कद्दावर नेता के फोन आने के बाद रईस जादे को बचाने के लिए खाकीधारी जुट गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जमानत दे दी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि आरोपी का पिता अरुण गुप्ता की पकड़ सत्ता में बैठे नेताओं से हैं और अपने रसूख के बल पर उसने पुलिस के साथ मिलकर बेटे को बचा लिया।

वीआईपी रोड पर गुरुवार देर रात को तेज रफ्तार कार ने मिस्टर ब्राउन बेकरी के सिक्योरिटी गार्ड और एक अन्य कर्मचारी को रौंद दिया था। कार लोहा व्यापारी वरुण गुप्ता की थी। वह दोस्त के साथ कार में बैठा था। हादसे में सिक्योरिटी गार्ड की मौके पर मौत हो गई, जबकि कर्मचारी अस्पताल में एडमिट है। पुलिस ने लोहा व्यापारी को मौके से पकड़ लिया था, जबकि उसका दोस्त भाग गया था। हिरासत के दौरान रईसजादे की थाने में पुलिसवालों ने आवाभगत की और आरोपी के पिता ने एक भाजपा नेता के जरिए पूरी स्क्रिप्ट बदलवा दी। पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर ’खेल’ की शुरुआत भी कर दी थी, लेकिन सोशल मीडिया में मामले के वायरल होने से पुलिस को बैकफुट में आना पड़ा। पुलिस ने वरुण का चालान कर उसको कोर्ट भेज दिया, जहां आरोपी को कुछ मिनट के बाद जमानत मिल गई।

मामूली धाराओं में दर्ज किया मामला

पुलिस हादसे के बाद आरोपी को बचाने के लिए मामले को दबाना चाहती थी, लेकिन सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें साफ तौर पर कार सवार बेहद लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए पाए गए। वीडियो के आने के बाद पुलिस ने कारोबारी के बेटे वरूण को हिरासत में ले लिया। आरोपी को थाने में लाकर आवाभगत की गई। इसी दौरान वरूण के पिता ने अपने राजनीतिक पॉवर के बल पर मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज करा बेटे को बचा ले गया। पुलिस ने साधारण एक्सीडेंट की धारा 304 ए, 279, 337 और 338 में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की बैक डोर से मदद कर दी। मामूली धारा में कार्रवाई होने से आरोपी को आसानी से बेल मिल गई।

इस धारा में दर्ज करनी चाहिए एफआईआर

पुलिस ने जिस तरह से हिट-एंड-रन के मामले पर आरोपी को बचाया, इसके चलते मृतक के परिजन खासे निराश हैं। वहीं क्रिमिलन एडवोकेट राजीव सक्सेना ने इस मामले पर कहा कि बक कार सवार बेहद लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे। करीब दो साल पहले वीआईपी रोड में हीरा कारोबारी की कार से ऐसा हादसा हुआ था। इसमें एक बुजुर्ग की मौत हुई थी। इस हादसे में पुलिस ने 304 ए (2) की धारा में कार्रवाई की थी। पुलिस को इस मामले में भी इसी धारा में कार्रवाई करनी चाहिए। इस धारा में मुकदमा सेशन कोर्ट में चलता है। इस धारा का आशय है कि जानबूझकर वह काम करना, जिससे किसी की मौत हो सकती है। इसमें दस साल की सजा का प्रावधान है।

तहरीर के तहत दर्ज किया गया था मामला

पुलिस के पास हर सवाल का जवाब पहले से ही तैयार रहता है। मामले पर कोतवाली इंचार्ज धमेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी की कोई मदद नहीं की गई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। अगर जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसके आधार पर अन्य धाराएं बढ़ाई जाएंगी। वहीं घायल राजकिशोर ने बताया कि पुलिस ने रईसजादे को बचाने के लिए धाराओं में खेल किया है। पुलिस को 307, और 304 ए (2) की धारा के तहत एफआईआर दर्ज करनी थी। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया था कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन सत्ता, पैसा और पॉवर के चलते हमें न्याय नहीं मिल सका।

Show More
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned