राष्ट्रपति की बहू के हिस्से में हार, विधायक की मम्मी जीतीं

राष्ट्रपति की बहू के हिस्से में हार, विधायक की मम्मी जीतीं
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Shatrudhan Gupta | Updated: 01 Dec 2017, 06:14:39 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

कानपुर की बिठूर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक अभिजीत सांगा की मां को मतदाताओं ने सिर-माथे बैठाया है।

कानपुर. निकाय चुनावों में राष्ट्रपति की बहू को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा विधायक की मम्मी को जनता ने मुखिया चुन लिया। सत्ता सिंहासन के लिए दाग और साख वाले यह नतीजे कानपुर की माटी से निकले हैं। मतदाताओं ने झींझक नगर पालिका के चुनाव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू दीपा को वोटरों ने नकार दिया है, अलबत्ता झींझक में कमल खिला है। उधर कानपुर की बिठूर नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक अभिजीत सांगा की मां को मतदाताओं ने सिर-माथे बैठाया है।

राष्ट्रपति की भाभी मान गईं, बहू बनीं बागी

गौरतलब है कि झींझक नगर पालिका के महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सगे भतीजे पंकज की पत्नी दीपा ने भाजपा से टिकट मांगा था। इसी पद के लिए राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती ने भी भाजपा से टिकट मांगा था। अंदरुनी सर्वे में राष्ट्रपति के परिजनों को मैदान में उतारने पर किरकिरी की रिपोर्ट मिली तो पार्टी ने सरोजनी देवी के नाम पर मुहर लगाकर राष्ट्रपति की भाभी और बहू को मनाना चाहा। विद्यावती को मान गईं, लेकिन दीपा ने बगावत करते हुए निर्दलीय लडऩे का फैसला किया था। शुक्रवार को नतीजे आने पर सरोजनी देवी चहक उठीं, जबकि दीपा ने बात करने से इंकार कर दिया।

बिठूर में सांगा की अम्मा को मिला ताज

कानपुर की बिठूर नगर पंचायत के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार निर्मला सिंह ने इकतरफा मुकाबले में कमल खिला दिया। गौरतलब है कि निर्मला सिंह की पहचान भाजपा विधायक अभिजीत सांगा के रूप में ज्यादा है। अभिजीत खुद भी बिठूर से निर्वाचित है। अभिजीत ने इसी विधानसभा चुनावों में पाला बदलकर भाजपा से नाता जोड़ा था। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में अभिजीत सिंह सांगा बतौर कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए थे।

11200 टेबल पर 56 हजार कर्मचारी

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी नतीजों को जल्द सामने लाने के लिए पुख्ता इंतजार किए हैं। प्रदेश के 334 मतगणना स्थानों पर 11,200 टेबल पर 56 हजार कर्मचारी मुस्तैद किए गए हैं। मेयर और अध्यक्ष पद के लिए 6 हजार मतगणना टेबल, जबकि पार्षद और सभासदों के पदों के लिए 5,200 टेबल पर गिनती जारी है। चुनाव के नतीजे मतगणनास्थल से ही आयोग की वेबसाइट http://sec.up.nic.in पर अपलोड करने की व्यवस्था है। इसके बाद आयोग की वेबसाइड से प्रमाणपत्र की कॉपी निकालकर आरओ की हस्ताक्षर के बाद वापस वेबसाइट पर स्कैन करके अपलोड करने का इंतजाम पहली मर्तबा हुआ है। मतगणना पर नजर रखने के लिए सभी मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही वेबकास्टिंग कराई जा रही है।

वेबसाइट व मोबाइल एप से मिलेंगे सभी नतीजे

राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट http://sec.up.nic.in पर रिजल्ट लाइव देखने की सुविधा भी मिली। इसके अलावा स्टेट इलेक्शन कमीशन यूपी नाम से मोबाइल एप के जरिये भी परिणाम उपल्बध रहे। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर पार्टी आधारित रिजल्ट के साथ-साथ डैशबोर्ड पर 75 जिलों के पदों का विवरण भी मुहैया मिला। गौरतलब है कि पहले चरण में 52.59 फीसदी, दूसरे चरण में 49.30प्रतिशत और तीसरे चरण में 58.72 मतदान हुआ था।

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