कानपुर के पहले कोरोना पॉजिटिव ने हासिल की जीत

डॉक्टरों की सलाह मानी और समय पर दवाई खायी

कभी भी नर्वस नहीं हुए और पूरी उम्मीद से लड़ी लड़ाई

कानपुर। किसी के अंदर अगर जीतने का हौसला हो तो उसे हराना मुश्किल हो जाता है। कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी को हराकर जिंदगी को गले लगाने वाले देश के कई फाइटर्स आज दूसरों के लिए मिसाल बने हैं। ऐसी ही मिसाल कायम की कानपुर के पहले कोरोना पॉजिटिव ने। ७० वर्षीय इस बुजुर्ग ने पूरे संयम के साथ कोरोना से मुकाबला किया और उसकी दूसरी ही जांच में कोरोना निगेटिव पाया गया है। इस बुजुर्ग के हौसले को हर कोई सलाम कर रहा है।

२० मार्च को मिला था शहर में पहला केस
२० मार्च को एनआरआई सिटी के डायमंड टॉवर निवासी बुजुर्ग को कोरोना पॉजिटिव होने के कारण भर्ती किया गया था। सही खानपान और डॉक्टरों की हर सलाह को मानने के बाद इस बुजुर्ग की रिपोर्ट अब नेगेटिव आई है। १५ दिनों की लड़ाई में उन्होंने कोरोना को हरा दिया और अब १४ दिन तक वह घर पर ही आईसोलेशन में रहेंगे।

कभी नर्वस नहीं हुए
आमतौर पर लोग कोरोना के नाम से ही घबरा जाते हैं। संक्रमित होना तो दूर केवल संदिग्धों की सूची में आते ही उनकी हालत खराब हो जाती है। दूसरी ओर कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद भी यह बुजुर्ग कभी नर्वस नहीं हुआ। अस्पताल में उन्होंने किताबों का सहारा लिया और समय पर दवा खायी। केवल डॉक्टरों के बताए गए खानपान का ही पालन किया। उन्हें कभी भी काउंसिलिंग की जरूरत नहीं पड़ी।

उम्र के हिसाब से दिया गया खानपान
देश में कोरोना के चलते जान गंवाने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग ही हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने इस बुजुर्ग का खानपान ऐसा रखा जो उनमें ज्यादा ऊर्जा दे सके। वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने उनका इलाज किया और उन्हें नार्मल डाइट के साथ काजू-बादाम वाले कुछ पकवान अलग से दिए गए। कोरोना से इस जंग में बुजुर्ग के घरवाले भी पूरी उम्मीद से डटे रहे।

आलोक पाण्डेय
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