डाक्टर बीवी को नहीं मिलेगा एसपी का शव, भाई करेगा लखनऊ में अंत्येष्टि

डाक्टर बीवी को नहीं मिलेगा एसपी का शव, भाई करेगा लखनऊ में अंत्येष्टि

Alok Pandey | Publish: Sep, 09 2018 02:35:28 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

बुधवार की सुबह जहर खाने वाले कानपुर के एसपी - पूर्वी सुरेंद्र दास की रविवार को दोपहर 12.19 बजे मौत हो गई

कानपुर. पत्नी और परिवार के बीच उलझे एसपी-पूर्वी सुरेंद्र दास की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। एसपी पूर्वी आईपीएस सुरेंद्र दास का शव उनकी मां तथा भाई के सुपुर्द किया जाएगा। परिजन पैतृक निवास बलिया के बजाय लखनऊ में अंत्येष्टि करेंगे। प्रशासन के निर्णय पर एसपी सुरेंद्र दास की ससुराल वाले सहमत हो गए हैं। दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में किसी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी। जांच के दौरान आईपीएस की पत्नी डॉ. रवीना से पूछताछ अवश्य होगी।


रविवार की दोपहर 12.19 बजे सांस ने छोड़ा साथ

गौलतब है कि बुधवार की सुबह जहर खाने वाले कानपुर के एसपी- पूर्वी सुरेंद्र दास ने रविवार को 12.19 बजे दोपहर में जिंदगी को अलविदा कह दिया। रीजेंसी अस्पताल में चार दिन तक मौत से संघर्ष करने के बाद आईपीएस की सांस रविवार को थम गईं। आईपीएस की मौत की पुष्टि करते हुए रीजेंसी अस्पताल ने बताया कि जहर के कारण शरीर के तमाम अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। लाइफ सपोर्ट सिस्टम के जरिए जिंदगी बचाने की कोशिश भी नाकाम रही। एसपी की मौत होते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। खबर मिलते ही आईजी-रेंज समेत एसएसपी तथा कमिश्नर और डीएम भी मौके पर पहुंच गए हैं।


बुधवार को खाया था जहर, वजह था पत्नी से कलह

गौरतलब है कि पत्नी और परिवार के बीच उलझे शहर के एसपी (पूर्वी) सुरेंद्र दास ने जिंदगी का अंत करने के लिए बुधवार की सुबह जहर निगल लिया था। हालात खराब होते ही एसपी को आवास के निकटवर्ती नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ती देखकर रीजेंसी हास्पिटल रेफर कर दिया गया था। खुदकुशी के मुद्दे पर कोई भी आला अफसर मुंह खोलने को तैयार नहीं है। एसपी पूर्वी सुरेंद्र दास की पत्नी कानपुर मेडिकल कालेज में जूनियर रेजीडेंट हैं। रीजेंसी अस्पताल के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट राजेश अग्रवाल के मुताबिक, बुधवार की सुबह 6.15 बजे आईपीएस सुरेंद्र दास को एडमिट कराया गया था। जहर के कारण हृदय और फेफड़ों के साथ-साथ किडनी तथा शरीर के अन्य हिस्सों ने काम करना बंद कर दिया, जिसके कारण जिंदगी को बचाना मुमकिन नहीं हुआ।


कानपुर में ससुराल, परिजन लखनऊ के निवासी

मूल रूप से बलिया के भरौली गांव के निवासी सुरेंद्र दास वर्ष 2014 बैच के आईपीएस थे। एक महीने पहले ही सुरेंद्र दास का कानपुर के एसपी- पूर्वी के पद पर तबादला हुआ था। सुरेंद्र दास की कानपुर के काकादेव मोहल्ले में ससुराल है, जबकि सरकारी आवास में उनके साथ सिर्फ पत्नी रहती थीं। आईपीएस की पत्नी कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कालेज में एमडी की पढ़ाई कर रही हैं। सुरेंद्र दास ने आईआईटी-खडग़पुर से बीटेक किया था। एडीजी अविनाश चंद्र का दावा है कि खुदकुशी की कोशिश के पीछे विभागीय कामकाज के तनाव जैसी बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहाकि घटना के पीछे एसपी का पारिवारिक निजी विवाद ही हैं। बावजूद अन्य कारणों की जांच बाद में होगी।


गूगल पर खोजा था खुदकुशी करने का तरीका

पत्नी और परिवार के बीच उलझे एसपी (पूर्वी) के सुसाइड की कोशिश के मामले में बीते दिन ही नया खुलासा हुआ था। पत्नी के साथ आए दिन झगड़े से उबकर आईपीएस सुरेंद्र दास काफी दिन से मौत का रास्ता खोज रहे थे। आत्महत्या के लिए सुरेंद् दास ने गूगल पर लगातार सर्च करने के बाद ब्लेड से कलाई की नस काटने और जहर खाने को अंतिम विकल्प के रूप में चुना, लेकिन ब्लेड से नस काटने की तकलीफ की कल्पना ने उन्हें डरा दिया। इसी कारण जहर खाने का निर्णय लिया। इसके बाद सुसाइड नोट लिखा और जहर खाने के बाद सुसाइड नोट को पत्नी के साथ में थमा दिया। एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने बताया कि सुसाइड नोट के मजमून से साफ है कि वह कई दिनों से सुसाइड का प्लान बना रहे थे। इसमें घर में होने वाले छोटे-छोटे विवाद और खुद को सही साबित करने को लेकर पति-पत्नी में होड़ आत्महत्या की कोशिश की वजह बनी। अपने पत्र में उन्होंने मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने लिखा कि गूगल के माध्यम से मौत का आसान तरीका खोजने के बाद यह रास्ता चुना। इसके लिए उन्होंने सुसाइड के तरीके का ब्योरा पढऩे के साथ यू-ट्यूब पर भी देखा। हाथ की नस काटने के लिए पहले फालोवर से ब्लेड मंगवाया, लेकिन दर्द भरा तरीका होने पर चूहा मारने के नाम पर एक सितंबर को सल्फास मंगवाई, इसके बाद उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।


सल्फास खाकर पत्नी को थमाया पत्र, पूछताछ होगी

पुलिस की पूछताछ व जांच में सामने आया है कि उन्होंने दस-दस ग्राम के दो व पांच ग्राम के एक पाउच से सल्फास पाउडर फांक लिया। इसके बाद उन्होंने पत्नी को सुसाइड नोट थणा दिया। एसएसपी के मुताबिक डॉक्टरों ने बताया कि सिर्फ 25 मिलीग्राम सल्फास ही आदमी के शरीर के अंग फेल कर देती है, इसलिए 72 घंटे से पहले कुछ कह पाना मुमकिन नहीं है। बहरहाल यह भी मालूम हुआ है कि रहन-सहन और सोच-विचार में अंतर को लेकर आईपीएस सुरेंद्र दास और उनकी डाक्टर पत्नी में अक्सर झगड़ा होता था। पत्नी मांसाहारी थी, जबकि सुरेंद्र दास पूर्ण शाकाहारी। इसके अतिरिक्त परिवार की मदद के मुद्दे पर भी पत्नी के साथ खटपट होती रहती थी।

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