Kanpur News हाथ जोड़कर बोली महिला आईपीएस, जिएं और लोगों को जीने दें प्लीज

Kanpur News हाथ जोड़कर बोली महिला आईपीएस, जिएं और लोगों को जीने दें प्लीज

Vinod Nigam | Updated: 02 Aug 2019, 10:04:01 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India


सड़क हादसे रोकने के लिए लोअर-टीशर्ट पहनकर हरदिन लोगों को कर रहीं जागरूक, एसपी के नए अवतार को देख लोग खुश।

कानपुर। उत्तर प्रदेश में पुलिस Police in Uttar Pradesh में लेडी सिंघम के तौर पर पहचान बनानें वाली आईपीएस रवीना त्यागी IPS raveena tyagi इनदिनों एक खास अभियान चलाया हुआ है। सड़क हादसे में लोगों को बचाने के लिए वो सुबह के वक्त लोअर-टीशर्ट के साथ चौराहों में खड़े होकर बिना हेलमेट के बाइक चला रहे युवा व युवतियों को रोक कर यातायात व्यवस्था Traffic arrangement का पाठ पढ़ाने के साथ ही घर से निकलते वक्त सिर पर हेलमेट लगाने का संकल्प दिला रही हैं। एसपी की ये मुहिम खासी रंग ला रही है और लोग भी इस नेक कार्य की सराहना कर रहे हैं।

 

कौन हैं रवीना त्यागी
रवीना त्यागी 2014 बैच की आईपीएस हैं IPS Raveena Tyagi । उनका जन्म भोपाल Bhopal में 11 नवंबर 1987 में हुआ था। महर्षि विद्या मंदिर भोपाल से पढाई की, 12 वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाएं दी, इसके बाद जेपी इंस्टीटयूट ऑपफ इन्फोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी नोएडा से बीटेक बायोटेक्नोलॉजी में किया है। बीटेक के बाद कुछ दिन ज्वाइन करने के बाद सिविल की तैयारी की, 2014 में उनकी सिविल सर्विसेज में उनकी 170 वीं रैंक थी। वे यूपी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी पहली पॉस्टिंग एएसपी के पद पर मुरादाबाद Moradabad में हुई, अब वे कानपुर साउथ में बतौर एसपी पोस्टेड हैं।

काम के बल पर हासिल किया मुकाम
मनचलों और शोहदों के छक्के छुड़ाने की वजह से यूपी में मशहूर हुई लेडी सिंघम रवीना त्यागी Lady Singham Raveena Tyagi ने कानपुर एसपी साउथ की बागडोर संभाले हुए हैं। इस लेडी पुलिस ऑफिसर ने अपने काम की बदौलत कम समय में ही बड़ा नाम कमाया है। साउथ में पोस्टिंग के बाद एसपी रवीना त्यागी ने पहली महिला पुलिस चौकी गोविंदनगर में चालू कराई। जिसमें एक भी पुरूष पुलिसकर्मी नहीं हैं। इसके इलावा शोहदों और मनचलों के अलावा हार्डकोर क्रिमिनलों के खिलाफ अभियान चलाया। जिसके चलते साउथ में पिछले पांच माह के दौरान अपराध में गिरवाट आई है। एसपी रवीना त्यागी इनदिनों वाहन सवार लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया हुआ है।

हाथ जोड़कर देती हैं समझाइस
एसपी रवीना त्यागी सुबह के वक्त लोअर-टीशर्ट पहनकर बिना सुरक्षा दस्ते के अकेले पैदल शहर के चौराहों और गलियों में जाती हैं औा बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों को रोककर उन्हें गांधीगिरी के जरिए समझाइस देती हैं। एसपी ने बताया कि हमारे देश में आतंकवादी हमलों से ज्यादा सड़क हादसे में लोगों की जान जाती है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या युवाओं की होती है। कहा, पुलिस का काम लाइन-आर्डर के साथ ही जनता से जुड़कर उन्हें जागरूक करना भी है। इस दौरान दो युवक बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए दिखे। एसपी ने उन्हें रोका और अपना परिचय देते हुए कहा कि आपकी जान की सुरक्षा की जिम्मेदारी जितनी पुलिस-प्रशासन की है उतनी ही आपकी। इसलिए घर से निकलनें से पहले हेलमेट के साथ बाइक के दस्तावेज लेकर चलें।

मुंह पर छोड़ा सिगरेट का धुआं
यूपी में मनचलों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने एंटी रोमियो स्क्वॉयड की टीम बनाई थी। बरेली में तैनाती के दौरान आईपीएस रवीना त्यागी को बरेली कॉलेज के बाहर लड़कियों से छेड़छाड़ की खबर मिली। वह टीम के साथ बरेली कॉलेज पहुंची और लड़कियों से बात करने लगी। इसी दौरान उन्हें एक दुकान पर कुछ लड़के खड़े दिखे। लड़कियों ने बताया कि यह लड़के आए दिन लड़कियों के साथ छेड़खानी किया करते हैं। जिसके बाद रवीना त्यागी उन लड़कों से पूछताछ करने के लिए उनके पास पहुंची। सिविल ड्रेस में होने की वजह से लड़के उन्हें पहचान नहीं पाए और वहां सिगरेट पी रहे एक लड़के ने रौब दिखाते हुए उनके मुंह पर सिगरेट का धुआं छोड़ दिया। जिसके बाद रवीना त्यागी ने बरेली से मनचलों को मुक्ति दिला दी थी।

...तो पुलिस दे रही उन्हें जवाब
रवीना त्यागी ने कहा कि अपराध व अपराधियों को जड़ से मिटाने का कोई नुस्खा नहीं है। समय के हिसाब से अपराध की प्रकृति व तरीका बदलता रहता हैं, इसलिए पुलिसिंग परिस्थितियों के हिसाब से होती है। एसपी ने बताया कि शहर पुलिस अपराधियों को उनकी भाषा में जवाब दे रही है। इसका ही नतीजा है कि पुलिस पर अटैक करने वाले 80 से ज्यादा अपराधी पुलिस की गोली के शिकार होकर जेल में हैं। कम्युनिटी पुलिसिंग व एस-10 के माध्यम से लोगों में पुलिस की छवि को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है जबकि व्यापारियों व संबंधित विभागों से संपर्क कर अतिक्रमण व कब्जे हटवाकर जाम से निपटने की कोशिश की जा रही है।

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