गर्मी हुई जानलेवा, फेल हो रही किडनी

गर्मी हुई जानलेवा, फेल हो रही किडनी

Alok Pandey | Updated: 12 Jun 2019, 01:01:47 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

किडनी में स्टोन वाले मरीज रहें ज्यादा सतर्क, सावधानी बरतें और पानी की कमी न होने दें

कानपुर। ४५ डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा पारा किडनी के लिए खतरा बन गया है। जरा सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ रही है। जिन मरीजों की किडनी में पहले से शिकायत है, उनके लिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। अगर इन मरीजों को समय से अस्पताल लाया जाए तो किडनी को दोबारा काम करने की स्थिति में लाया जा सकता है।

ऐसे लोगों को ज्यादा खतरा
हैलट के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रिचा गिरि का कहना है कि जिस मरीज को गुर्दे में स्टोन की शिकायत हो, संक्रमण हो या नेफ्राटिस सिंड्रोम हो तो ऐसे लोग बेहद सावधानी बरतें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। धूप में निकलने से बचें और संतुलित खानपान लें। क्योंकि ऐसे मरीजों की किडनी फेल होने की ज्यादा संभावना रहती है।

एक्यूट किडनी फेल्योर
हैलट में एक्यूट किडनी फेल्योर के तीन रोगी भर्ती कराए गए हैं। एक्यूट किडनी फेल्योर वह स्थिति है जिसमें गुर्दे अचानक रक्त से नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ छानना बंद कर देते हैं। यह स्थिति बेहद घातक है। इससे पेशाब में अचानक कमी आ जाती है और सूजन, मतली और थकान का एहसास होने लगता है। समय पर इलाज मिलने से ऐसे रोगियों का गुर्दा पुन: काम करने की हालत में लाया जा सकता है।

गर्मी से पीडि़त मरीजों की भरमार
हैलट अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में गर्मी की मार से पीडि़त मरीजों की खासी संख्या है। जिसमें तेज पेट दर्द और सांस फूलने के मरीज ज्यादा आए हैं। इसके अलावा डायबिटीज रोगियों की संख्या भी बढ़ी है, क्योंकि गर्मी में पर्याप्त नींद न लेने से शुगर भी अनियंत्रित हो जाती है।

 

 

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned