गुर्दे (किडनी) के मरीजों को अब कानपुर में मिलेगा बेहतरीन इलाज, राहत भरी खबर

अस्पताल में किडनी की बीमारी से जुड़े मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज मुहैया होगा।

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 18 Dec 2020, 11:28 AM IST

कानपुर-गुर्दे (kidney) के मरीजों को अब कानपुर के हैलेट अस्पताल में बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। दरअसल किडनी से जुड़ी बीमारियां गंभीर मानी जाती हैं। जिसमें अच्छी सुविधाए और बेहतर इलाज न मिलने से लोग इधर उधर चक्कर काटते रहते हैं लेकिन अब कानपुर (GSVM) मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में किडनी की बीमारी से जुड़े मरीजों को उच्चस्तरीय इलाज मुहैया होगा। फिर चाहें किडनी में संक्रमण (Infection) हो या किडनी में पथरी (Stone) या डायलिसिस की समस्या हो, इनके इलाज के लिए अत्याधुनिक व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मेडिसिन विभाग में 30 बेड की नेफरोलॉजी यूनिट जल्द बनेगी।

जिसके लिए हैलट परिसर स्थित मेडिसिन विभाग में तैयारी चल रही है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके पूर्व किडनी के मरीजों की डायलिसिस शुरू होने से पहले फिश्चयूला बनाना पड़ता है। इसके लिए उन्हें हृदय रोग संस्थान भेजना पड़ता था। नेफरोलॉजी यूनिट बनने के बाद वहां का चक्कर भी नहीं लगाना पड़ेगा। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में लखनऊ के संजय गांधी स्नात्कोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान से गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. युवराज गुलाटी ने ज्वाइन किया है। इस पर मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. रिचा गिरि ने उन्हें अलग नेफरोलॉजी यूनिट बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी है।

उन्होंने डायलिसिस यूनिट के ठीक बगल में स्थित 30 बेड की नेफरोलॉजी यूनिट का प्रस्ताव तैयार किया है। उसमें ऑक्सीजन पाइप लाइन डाले जाने के साथ ही 6 बेड का आइसीयू तैयार किया जा रहा है। इस यूनिट में माइनर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) भी बनाया जाएगा। साथ ही जरूरी उपकरणों के लिए प्राचार्य को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रो. रिचा गिरि ने बताया कि नेफरोलॉजिस्ट डॉ. युवराज गुलाटी को डायलिसिस यूनिट का प्रभारी बनाया गया है। अब मरीजों की डायलिसिस नए मानकों पर होगी। अभी विभाग में छह डायलिसिस मशीनें हैं। नेफरोलॉजी यूनिट बनने के बाद मशीनों की संख्या 20 की जाएगी।

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