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किंग ऑफ सीमेंट ने हासिल किया मुकाम, व्हाइट सीमेंट ने विश्व में बनाया तीसरा स्थान

जेके सीमेंट को व्हाइट सीमेंट की श्रेणी में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में खड़ा कर दिया...

कानपुर

Published: January 26, 2018 02:32:13 pm

कानुपर. पिता उन्हें सरकारी मुलाजिम बनाना चाहते थे, पर वह अंग्रेज हुकूमत की गुलामी नहीं करने का संकप्ल ले चुके थे। इसी के चलते जुग्गीलाल कमलापति सिंघानिया ने कानपुर में अपना कारोबार शुरू कर दिया। जेके जूट की अधारशिला रखी और धीरे-धीरे कर बढ़ते गए। उनके निधन के बाद कारोबार की डोर बेटे सर पदमपत सिंघानिया ने संभाली और इनका नाम देश के बड़े उ़द्योगपतियों में गिना जाने लगा। महज 30 साल की उम्र में फिक्की के प्रेसिडेंट बन गए थे। सिंधानिया परिवार के पंडित राधेश्याम शुक्ल बताते हैं, बात 1930 के दशक की है। पदमपत सिंघानिया की बहन की शादी थी। गर्मी का सीजन था, तो शादी में बर्फ की जरूरत पड़ी। कंपनी के कर्मचारी बार-बार भार्गव आइस फैक्ट्री में जाकर बर्फ का इंतजाम कर रहे थे। इत्तेफाक से उस फैक्ट्री में बर्फ खत्म हो गई। इसके बावजूद सिंघानिया के कर्मचारी बर्फ के लिए फैक्ट्री पहुंच रहे थे। इस बात से फैक्ट्री का मैनेजर झल्ला गया और बोला इतनी ही जरूरत है तो सिंघानिया जी खुद की फैक्ट्री क्यों नहीं खोल लेते बर्फ की। मैनेजर की यह बात पदमपत सिंघानिया के पिता जुग्गीलाल कमलापति सिंघानिया को ऐसी लगी कि उन्होंने अगले ही दिन बर्फ की फैक्ट्री शुरू कर ली। फिर क्या था सिंघानियां परिवार आगे बढ़ता गया और आज जेके सीमेंट को व्हाइट सीमेंट की श्रेणी में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में खड़ा कर दिया।
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कौन हैं सर यदुपति सिंघानिया

सर पदमपत सिंघानिया जाने माने उद्योगपति जुग्गीलाल कमलापति सिंघानियां के बेटे हैं। जिन्हें सीमेंट ऑफ किंग के नाम से जाना जाता है। अपने विजन और कुशल प्रबंधन के दम पर उन्होंने जेके सीमेंट को व्हाइट सीमेंट की श्रेणी में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में खड़ा कर दिया। इतना ही नहीं महज 13 साल में उन्होंने 500 करोड़ रुपए की कंपनी को करीब 6500 करोड़ रुपए की विशाल कंपनी में तब्दील करने का कारनामा कर दिखाया है। इसीलिए ‘किंग ऑफ कानपुर’ यदुपति सिंहानिया को सीमेंट इंडस्ट्री के सर्वश्रेष्ठ सीईओ और सभी श्रेणियों में 28वें स्थान से सम्मानित किया गया है। इस उपलब्धि पर कमला रिट्रीट में उनका सम्मान किया गया। गणतंत्र दिवस की पूर्व संघ्या पर शहर के कई प्रतिष्ठिक हस्यिं जेके घराने के आलीशान फार्म हाउस कमला रिट्रीट में शामिल हुई और ं बेस्ट सीईओ की उपलब्धि पर जेके सीमेंट के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) यदुपति सिंहानिया को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी मां और जेके घराने की मुखिया सुशीला सिंहानिया और अभिषेक सिंहानिया भी उनके साथ थे।

महज कुछ वर्षो में बनाया कीर्तिमान

महज कुछ सालों में 12 गुना बड़ा आकार और दुनिया की टॉप थ्री कंपनी में जेके को लाने के लिए सदुपति सिंहानिया ने कड़ी मेहनत की। उन्होंने कर्मचारियों और कंपनी के अधिकारियों के अंदर जोश भरा और उन्हें एहसास कराया कि जेके सिंघानिया की नहीं उनकी खुद की कंपनी है। उनकी इस सादगी पर सीनियर वाइस प्रेसीडेंट अनिल अग्रवाल बोले, वर्ष 2007-08 के दौरान यदुपति जी काफी बीमार थे और नियमित रूप से अस्पताल जाते थे। इसके बावजूद उस कठिन दौर में उन्होंने कंपनी के प्रति समर्पण नहीं छोड़ा। अपने विजन के जरिए जो फैसले लिए और रणनीति बनाई, उसी का नतीजा है कि आज जेके सीमेंट का मार्केट कैपेटलाइजेशन एक अरब डालर यानी लगभग 6500 करोड़ रुपए का हो गया है। तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद जेके ग्रुप की सालाना ग्रोथ 10.6 प्रतिशत है। दूसरे सवाल-सफलता का मूलमंत्र क्या है? का जवाब दिया-कठिन परिश्रम और कुछ नहीं।

30 में से बनाया तीसरा स्थान

दुनिया की शीर्ष 30 सीमेंट कंपनियों की रैंकिंग हर साल जारी होती है। इस सूची में व्हाइट सीमेंट सेगमेंट में जेके सीमेंट को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी का स्थान मिला है। वाइस प्रेसीडेंट प्रशांत सेठ ने बताया कि जेके व्हाइट का 1.2 मिलियन टन सालाना उत्पादन है। पहले स्थान पर इटली की कंपनी सीमेंटेयर है जिसकी क्षमता 4.4 मिलियन टन है। दूसरे स्थान पर इटली की कंपनी इटाल सीमेंटी है। एशिया में जेके व्हाइट नंबर वन है। इस मौके पर सिंधानिया परिवार की सुशीला सिंहानिया भी मौजूद थीं। सभी कर्मचारी और अधिकारी सुशीला सिंघानिय के पैर छूकर आर्शीवाद लिया। इस मौके पर अजय सिंघानिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर पूरी इमानदारी और लगन के साथ कार्य करता है तो उसके परिश्रृम का फल जरूर मिलता है।

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