आधुनिक जीवनशैली में खोखली हो रही बच्चों की हड्डियां

आधुनिक जीवनशैली में खोखली हो रही बच्चों की हड्डियां

Alok Pandey | Updated: 14 Jul 2019, 11:45:33 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

विटामिन डी और कैल्शियम की बच्चों में मिल रही कमी
भले ही गर्मी लगे फिर भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी है धूप

कानपुर। आधुनिक जीवनशैली, इनडोर गेम्स और धूप में न निकलने की आदत बच्चों का भविष्य खराब कर रही है। उनकी हड्डियां बचपन में ही खोखली हो रही हैं जो भविष्य के लिए घातक है। यह स्थिति धूप न मिलने के कारण बन रही है। इस वजह से विटामिन डी और कैल्शियम की भारी कमी पाई गई है।

चौंकाती है स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के बच्चों में विटामिन डी की कमी से उनकी हड्डियां खोखली हो रही हैं और मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं। एक रिसर्च के मुताबिक 92 फीसदी बच्चों में विटामिन डी की कमी पाई गई है। इनमें 12 वर्ष तक के 60 फीसदी बच्चे ऐसे हैं जिन्हें विटामिन डी की अतिरिक्त डोज के कई चक्र देने पड़ रहे हैं।

पढ़ाई करने में मुश्किल
पोषक तत्वों की कमी की वजह से पढ़ाई में मन नहीं लगने, जल्दी थकने, याददाश्त कमजोर की होने की शिकायत बच्चों में होने लगी है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक सर्जनों, बाल रोग विशेषज्ञों ने मिलकर गम्भीर होती समस्या पर काम शुरू किया है। विटामिन डी की दवाएं उपलब्ध हैं। टेबलेट और इंजेक्शन के रूप में दवाएं हैं। कुछ इंजेक्शन एक सप्ताह में तो कुछ इंजेक्शन एक महीने पर लगते हैं । पांच छह डोज में कुछ राहत मिल जाती है।

योग से होगा लाभ
देव अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र के डॉ. ओम प्रकाश आनंद बताते हैं कि योग में सूर्य स्नान को अधिक महत्व दिया गया है। इससे विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है। सरसों का तेल शरीर में लगाकर 05 मिनट सीधे, 05 मिनट उल्टे, 05-05 मिनट दाएं और बाएं करवट से धूप में लेटना चाहिए। विटामिन डी की कमी सूती कपड़ा पहनने से भी धीरे-धीरे पूरी होती है।

आउट डोर गेम बढ़ाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर एन चौरसिया के अनुसार अब नियमित तौर पर विटामिन डी सप्लीमेंट खुराक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में भी शामिल हो गई है। बच्चों को विटामिन डी की जितनी जरूरत होनी चाहिए वह डाइट में नहीं मिल रही हैं। खान-पान में सुधार से भी जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है।

किसकों कितनी धूप जरूरी
सूरज से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट रे त्वचा से मिलकर विटामिन डी बनाती हैं। काले लोगों की अपेक्षा गोरे लोगों को धूप में अधिक रहना चाहिए। गोरे लोगों को कम से कम 35-40 मिनट, फेयर रंग वालों को 25-30 मिनट और काले लोगों को 20-25 मिनट धूप में रहना चाहिए। जाड़े की अपेक्षा गर्मियों में आसानी से और अधिक मात्रा में विटामिन डी मिल जाती है।

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