मूल्याकंन में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने दी धमकी, विश्वविद्यालय प्रशासन के होश उड़े

मूल्याकंन में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने दी धमकी, विश्वविद्यालय प्रशासन के होश उड़े

Alok Pandey | Publish: Jun, 12 2019 12:16:20 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कुलपति से मिलने के लिए धूप में दो घंटे किया इंतजार, छात्रा हुई बेहोश, विवि प्रशासन के हाथ पैर फूले, तुरंत छात्रों को कुलपति तक ले जाया गया

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में एलएलएम के आंतरिक मूल्याकंन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ गया है। इसे लेकर छात्र आंदोलन पर आमादा हो गए हैं। छात्रों ने अपनी समस्या कुलपति के सामने रखी और निस्तारण के लिए दस दिन का वक्त दिया। छात्रों को इससे पहले कुलपति से मिलने के लिए कड़ी धूप में दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा, इससे साफ है कि विवि प्रशासन छात्रों की इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।

दी आत्मदाह की चेतावनी
छात्रों ने कहा कि अगर एक सप्ताह के अंदर मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे राज्यपाल से अपनी शिकायत करेंगे। दस दिन में अगर पूरे मामले का निस्तारण न हुआ तो सभी पीडि़त छात्र विवि के प्रशासनिक भवन के समक्ष आत्मदाह करेंगे। छात्रों की यह धमकी सुनने के बाद से विश्वविद्यालय प्रशासन के होश उड़े हुए हैं।

बेहोश हो गई छात्रा
इसी मामले में दोपहर ढाई बजे एलएलएम छात्र संतोष यादव, अनीता देवी, प्रशांत कुमार, राजमन, अब्दुल्ला, गोपाल साहू समेत कई छात्र कुलपति से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। आग उगलती गर्मी में कुलपति ने छात्रों से मिलने के लिए समय नहीं दिया। करीब सवा चार बजे धूप में खड़ी छात्रा अनीता अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। छात्रों ने पानी डालकर उसे होश में लाया।

यह है मामला
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में एलएलएम छात्रों के बीच पिछले कई दिन से विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने जहां आंतरिक मूल्यांकन में भेदभाव का आरोप लगाया था तो वहीं दूसरे पक्ष ने मूल्यांकन में गड़बड़ी की शिकायत की थी। कुलपति ने पूरी बात सुनने के बाद परीक्षा नियंत्रक के पास भेजा था। जहां छात्रों ने अपनी सभी समस्याएं बताई। छात्रों ने बताया कि चौथा प्रश्नपत्र शुरू होने के एक दिन पहले विभाग को पेपर लीक होने की जानकारी दी गई थी।

कुलपति ने दिया जांच का भरोसा
कुलपति ने कहा कि चौथा प्रश्नपत्र के लीक होने के मामले में जांच चल रही है। एक कमेटी गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अगर मामला सही मिला तो पेपर निरस्त किया जाएगा। वहीं फेल छात्रों के मामले में उन्होंने कहा कि इस पर विचार चल रहा है। फेल छात्रों का दोबारा मूल्यांकन करने पर विचार किया जाएगा।

 

 

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