लॉकडाउन: दूध और ब्रेड की हुई किल्लत, सब्जी का भी स्टॉक कर रहे लोग

राशन की दुकानों पर थोक में सामान पैक करा रहे लोग
ज्यादा से ज्यादा सामान घर पर जमा करने की होड़

कानपुर। लॉकडाउन की खबर के बाद सोमवार सुबह केवल दूध सब्जी और राशन की दुकानें ही खुलीं। सुबह आयी दूध की खेप १० बजे तक सिमट गई। रोजाना एक लीटर दूध लेने वाले दो से ढाई लीटर ले गए, यह सोचकर कि पता नहीं कल मिलेगा या नहीं। ब्रेड के भी एक नहीं दो-दो पैकेट खरीदे। सुबह से ही लोग खाने-पीने का सामान लेने के लिए निकल पड़े और झोलों में सामान भर-भरकर घर लाए। एक नहीं तीन-तीन चक्कर लगाए कि ज्यादा से ज्यादा सामान जमा कर लें। १० बजे के बाद दूध लेने दुकान पर पहुंचे लोग खाली लौट आए। सब्जियों की दुकानें भी खाली होने लगीं। लॉकडाउन के चलते लोगों ने पहले ही दिन जमाखोरी शुरू कर दी। जिससे बाजार में जरूरी सामान की किल्लत पैदा होने लगी है।

राशन दुकानों पर जमा हुए पर्चे
पुलिस ने एक जगह पांच लोगों के खड़े होने पर रोक लगा रखी है। इसलिए राशन दुकान पर आने वाले लोग सामान का पर्चा जमा करके लौट गए और एक-दो घंटे बाद आकर सामान ले जाते रहे। सबसे ज्यादा मांग आटा, दाल, चाय पत्नी और चीनी की रही। कई दुकानों पर तो आटे और चीनी की कमी भी पैदा हो गई। काकादेव के दुकानदार विनय गुप्ता ने बताया कि जो लोग एक बार में पांच किलो से ज्यादा आटा नहीं ले जाते थे वे दस किलो ले गए। किसी ने भी सामान का भाव तक नही पूछा बस मात्रा बताई और पैक करवा लिया। सबको जल्दी सामान लेकर घर जो पहुंचना था।

आलू, प्याज और टमाटर की मारामारी
सब्जी दुकानों पर भी भीड़ जमा रही। सबसे ज्यादा खरीदारी आलू, प्याज और टमाटर की थी। जिसके चलते सब्जी विक्रेताओं ने आलू और टमाटर के भाव बढ़ा दिए। कई दुकानों पर दोपहर से पहले ही सब्जी खत्म हो चुकी थी। रोजमर्रा की अपेक्षा आधी दुकानें ही लगी है। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले नदारद हैं। स्टॉल लगाकर सब्जी बेचने वाले ही बिक्री कर रहे हैं।

गली-नुक्कड़ की दुकानों पर भीड़
अभी तक गली-नुक्कड़ के दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते थे। दुकान के बगल में रहने वाला भी बाजार से सामान खरीदकर लाता था। केवल सुबह बाजार खुलने से पहले और रात में बाजार बंद होने पर ही गली-नुक्कड़ की दुकानों पर ग्राहक पहुंचता था। पर सोमवार को इन दुकानों पर काउंटर ग्राहकों से घिरे रहे। जिस भाव में सामान मिल रहा था, उसी में खरीदारी होती रही।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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