KANPUR NEWS-खंडग्रास चंद्रगहण से इन राशि के लोगों को मिलेगा लाभ, अखिलेश यादव के सियासी सितारे हो सकते बुलंद

शहर के प्रमुख मंदिरों में पूजन के बाद सूतक काल में पट बंद हो जाएंगे, इन राशियों में होगा परिवर्तन, कई के सितारे फिर से चमकेंगे।

कानपुर। आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी 16 जुलाई की रात खंडग्रास चंद्रग्रहण लगेगा, यह ग्रहण सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगा lunar eclipse will show in whole । ग्रहण 2.55 घंटे का होगा और इसका मोक्ष भोर में 4.00 बजे होगा। ये बात पत्रिका के साथ खास बातचीत के दौरान ज्योतिषविद् प्रोफेसर पंडित बलराम तिवारी ने कही। उन्होंने बताया कि इसके चलते कई राशियों में परिवर्तन होगा Amounts will change. । बताया कि यह चंद्रग्रहण ग्रहण तुला, कुंभ, कर्क और मीन राशि के लोगों के लिए सुखद लाभ देने वाला होगा। जिसके चलते कह सकते हैं कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव akhilesh yadav सियासत में मिली हार के बाद फिर से खड़े होंगे और परिवार में चल रही रार खत्म हो सकती है।

राशि में परिवर्तन
पंडित बलराम तिवारी ने बताया कि ग्रहण lunar eclipse will show in whole का स्पर्श रात 1.37 बजे होगा और ग्रहण के सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे। ये सूतक 16 जुलाई की शाम 4.37 बजे से शुरू होगा और इसका मोक्ष भोर में 4ः00 बजे होगा। बताया कि यह चंद्रग्रहण ग्रहण तुला, कुंभ, कर्क और मीन राशि के लोगों के लिए सुखद लाभ देने वाला होगा। अखिलेश यादव Akhilesh Yadav के सितारे जूलाई के बाद बुलंद हो सकते हैं। पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पूर्व सीएम फिर से सियासी तालमेल बैठानें में कामयाब हो सकते हैं।

बंद रहेंगे मंदिरों के पट
मंगलवार को खंडग्रास चंद्रगहण lunar eclipse will show- लगने जा रहा है, इसके बाद से श्रावण मास शुरू होगा। ग्रहण काल शुरू होते ही मंदिरों के पट हो जाएंगे और समाप्ति के बाद खुलेंगे। पंडित बलराम तिवारी कहते हैं कि, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहेंगे। ग्रहण काल में देवी देवताओं की प्रतिमा का स्पर्श नहीं करना चाहिए। ग्रहों की शांति के लिए नवग्रह मंत्रों का जप करना चाहिए। ग्रहण काल में अन्न, वस्त्र का दान अवश्य करें। पंड़ित बलराम तिवारी ने कहा कि गरीबों को दान करें। गाय को रोटी खिलाएं। माता-पिता के पैर छूकर आर्शीवाद लें। गंगा घाट पर सूतक काल में मंत्र जप करें, जिससे पूरे वर्ष लाभ मिलगा।

इसलिए सियासत में पड़े कमजोर
पंडित बलराम तिवारी बताते हैं कि अखिलेश यादव Akhilesh Yadav का वृश्चिक लग्न कर्क राशि में हुआ। वृश्चिक राशि स्थिर राशि होकर लग्नस्थ भी है। मंगल पृथ्वी पुत्र है। पराक्रम का प्रतीक है। यही वजह है कि अखिलेश Akhilesh Yadav ने जमीन से जुड़ कर शानदार सफलता हासिल की। अखिलेश यादव की कुंडली में केतु की महादशा 25 मार्च 2017 से आरंभ है, जो 25 मार्च 2024 तक रहेगी। केतु कष्ट दे रहा है और इसी के चलते परिवारिक विवाद के साथ पार्टी मे ंउथल-पुथल बनी हुई है। पर खंडग्रास चंद्रगहण के चलते आने वाले समय में स्थितियों को सुधार करेगा। जिसका असर जल्द दिख सकता है। इस समय पिता व पुत्र के रिश्ते पहले से और बेहतर होंगे।

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Vinod Nigam
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