लखनऊ में पकड़ी गई धातु की आईआईटी में हुई जांच, नहीं निकला कैलिफोर्नियम, अरबों में बताई गई थी कीमत

-आईआईटी कानपुर में जांच में सैंपल कैलिफोर्नियम नहीं निकला,
-पुलिस ने आठ लोगों की गिरफ्तारी के साथ इस संदिग्ध धातु को किया था बरामद,
-लखनऊ की गाजीपुर पुलिस को इसकी रिपोर्ट भेजने की पुष्टि आईआईटी निदेशक ने की,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 09 Jun 2021, 09:44 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) की जांच संदिग्ध रेडियो एक्टिव पदार्थ (Radio Acive Material) कैलिफोर्नियम (Californium) नही निकला। बल्कि वह सैंपल आयरन, कार्बन और सल्फर का मिश्रण बताया गया है। दरअसल लखनऊ की गाजीपुर पुलिस द्वारा बीते दिनों आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से इसे बरामद किया गया था। इसे दुनिया का दूसरा सबसे महंगा रेडियो एक्टिव पदार्थ संदिग्ध कैलिफोर्नियम माना जा रहा था। इसकी जांच के लिए इसका सैंपल आईआईटी कानपुर भेजा गया था। यहां जांच में यह कैलिफोर्नियम नहीं निकला है। इस पदार्थ में कोई रेडिएशन मैटीरियल नहीं मिला है। जांच पूरी होते ही मंगलवार को आईआईटी कानपुर ने रिपोर्ट गाजीपुर पुलिस को भेज दी। आईआईटी निदेशक (IIT Director) प्रो.अभय करंदीकर ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग को इसकी जांच सौंपी थी। रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि आआईआईटी के निदेशक ने की।

दरअसल लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने बीते गुरुवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से दुनिया के दूसरे सबसे महंगे रेडियो एक्टिव पदार्थ 340 ग्राम संदिग्ध धातु को बरामद किया था। बरामद धातु के कैलिफोर्नियम होने का अनुमान लगाया जा रहा था, जिसकी कीमत अरबों में आंकी जा रही थी। गिरफ्तार किए लोगों में गिरोह का सरगना अभिषेक चक्रवर्ती निवासी कानपुर रोड एलडीए कालोनी कृष्णानगर, महेश कुमार निवासी नेवादा न्यू एरिया बिहार, रविशंकर निवासी शाहजहांपुर पटना बिहार, अमित कुमार सिंह मानसनगर कृष्णानगर, शीतल गुप्ता उर्फ राज गुप्ता गुलजार नगर बाजारखाला, हरीश चौधरी लौकिहवा बस्ती, रमेश तिवारी निवासी कठौतिया सांवडी पैकुलिया बस्ती और श्याम सुंदर गांधीनगर बस्ती आदि थे। पुलिस ने बताया था कि महेश और रविशंकर बिहार से इसे लेकर आए थे।

Arvind Kumar Verma
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