विधायक ने केडीए, नगर निगम, जिला प्रशासन की तुलना गांधीजी के तीन बंदरों से की

 

- कुली बाजार हादसे में शामिल पीड़ित परिवार 25 दिनों से मुआवजे की मांग कर रहा

By: Narendra Awasthi

Published: 18 Dec 2020, 09:24 PM IST

कानपुर. गांधी जी के तीन बंदर बुरा मत देखो बुरा मत सुनो बुरा मत बोलो को प्रतीक के रूप में आज धरना स्थल पर रखा गया आर्य नगर विधायक अमिताभ बाजपेई ने धरना के पीछे कारणों के विषय में बताया कि विगत 25 दिनों से 23 परिवार मुआवजा और घर के बदले घर की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है। गौरतलब कुली बाजार क्षेत्र में खुदाई के दौरान मकान गिर गया था। जिससे एक की मौत हो गई थी। हादसे के बाद कई घर खतरनाक स्थिति में पहुंचकर जर्जर हो गए और रहने लायक नहीं रह गए। मुआवजा और घर के बदले घर की मांग को लेकर पीड़ित परिवार लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन के कान में जूं नहीं रेंग रहा।

पीड़ित परिवार के मुआवजे के लिए आर्य नगर विधायक अमिताभ बाजपेई ने गांधीजी के तीन बंदरों को प्रतीक के रूप में रखकर प्रदर्शन कर गायत्री मंत्र का जाप किया। इस मौके पर अमिताभ बाजपेई ने कहा कि मुआवजे को लेकर जिलाधिकारी से भी बातचीत हुई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई ऐसे में लगता है कि गांधीजी के तीन बंदरों की तरह केडीए, नगर निगम और जिला प्रशासन कार्य कर रहा है। जिसे गांधीजी के बंदरों की तरह न कुछ देखना है न कुछ सुनना है और ना कुछ करना है। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र के जाप से लोगों के कष्ट दूर होते हैं। उम्मीद है कोई ईश्वरीय शक्ति उनको सद्बुद्धि देगी। आगे के कार्यक्रम के विषय में अमिताभ बाजपेई ने कहा कि प्रतीक रूप में कल बिल्डर को फांसी देने का कार्यक्रम है। धरने पर बैठे पीड़ित महिलाओं के साथ 24 घंटे का कल्पवास करेंगे। इसके बाद भी अगर प्रशासन नहीं चेता तो बुधवार को केडीए में इन महिलाओं की तरफ से चूड़ी भेंट करने का प्रदर्शन किया जाएगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थी।

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