विकास दुबे का महाकाल मंदिर में पकड़ा जाना था उज्जैन के शराब कारोबारी के प्लान का हिस्सा, जानिए क्या था पूरा प्लान

इसके लिए कारोबारी ने उज्जैन मंदिर को चुना था क्योंकि उससे बड़ा और अच्छा सार्वजनिक स्थान उन्हे कोई नही लगा। मंदिर स्थल पर अधिक कैमरे भी लगे थे।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 06 Mar 2021, 01:11 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. बिकरू में घटना (Bikru Ghatna) के बाद उसे बचाने का प्लान उज्जैन (Ujjain) में तैयार किया गया था। यह प्लान उज्जैन में उसके मददगार एक शराब कारोबारी (Ujjain Sharab Karobari) ने बनाया था। उज्जैन में सार्वजनिक स्थान में उसका पकड़ा जाना और उसका चिल्ला चिल्लाकर अपना और अपने शहर का नाम बताना भी उसकी योजना का हिस्सा था। जिससे पूरी दुनिया की नजर में आ जाए और उसकी जान बच जाए। इसके लिए कारोबारी ने उज्जैन महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir) को चुना था क्योंकि उससे बड़ा और अच्छा सार्वजनिक स्थान उन्हे कोई नही लगा। मंदिर स्थल पर अधिक कैमरे भी लगे थे। कारोबारी द्वारा बनाई गई योजना के अनुसार उसने वैसा ही किया, जिससे पुलिस उसे पकड़कर उज्जैन जेल में भेज देगी और उसकी जान बच जाएगी, लेकिन ऐसा नही हो सका। जब विकास के मददगारों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो इन तथ्यों का खुलासा हुआ था।

शराब कारोबारी ने की थी ऐसे मदद

बिकरू में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद विकास दुबे की पहले दिल्ली में सरेंडर करने की मंशा थी। इसलिए औरैया पहुंचने के बाद भागकर कश्मीरी गेट दिल्ली (kashmiri Gate Delhi) गया था। वहां साथी संजय परिहार से मुलाकात करनी थी, लेकिन संजय नहीं पहुंचा। इसके बाद विकास ने एक राहगीर के फोन से उज्जैन के शराब कारोबारी मित्र से संपर्क किया। विकास 8 जुलाई की शाम उज्जैन पहुंच गया। वहां पर शराब कारोबारी ने उसकी एक फैक्ट्री में रुकने की व्यवस्था कराई। उसके बाद उज्जैन में अपने कुछ और मददगार से सम्पर्क कर उन्हें पूरी बात बताई। जिसके बाद विकास को बचाने की योजना बनाई गई।

पुलिस से बचने को बनाई थी योजना

कारोबारी ने चर्चा करने के बाद निर्णय लिया कि महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) से ज्यादा सार्वजनिक स्थान कोई नहीं हो सकता। वहां पर सीसी टीवी कैमरों की संख्या भी बहुत है। वहां सरेंडर करने पर पूरी दुनिया की नजर में आ जाएगा जिससे उसकी जान बच जाएगी। योजना इस बात की थी कि विकास पकड़ा जाएगा और उज्जैन जेल भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। इसी तरह से भूमिका को रचा गया और 9 की सुबह विकास दुबे बताई गई योजना के तहत उज्जैन मंदिर पहुंचा और वहां पर नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हो गया।

शराब कारोबारी की खंगाली जा रही कुंडली

शराब कारोबारी ने उसके सरेंडर की जो योजना बनाई थी। उसमें उसे यह भी बताया गया था कि जब वह पकड़ा जाएगा तो वह जोर से अपना और अपने शहर का नाम चिल्लाएगा। जिससे सभी लोग यह जान जाए कि कौन पकड़ा गया है। एसटीएफ द्वारा शराब कारोबारी की कुंडली भी खंगाली जा रही है। उन मोबाइल की तलाश हो रही है। जिसका प्रयोग उसने अपने संपर्क से बात करने के लिए किया था। सूत्र बताते हैं कि उसका लिंक मिलने के साथ एसटीएफ उसे भी दबोचेगी।

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