टॉयलेट पर कब्जा कर सचिव ने बनाया स्टोर रूम, विरोध करने पर दी जेल भिजवाने की धमकी

टॉयलेट पर कब्जा कर सचिव ने बनाया स्टोर रूम, विरोध करने पर दी जेल भिजवाने की धमकी

Abhishek Gupta | Publish: Jan, 13 2018 09:17:41 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सोसायटी के दबंग सचिव ने टॉयलेट पर कब्जा कर उसे अपना स्टोर रूम बना लिया है।

विनोद निगम.
कानपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2 अक्टूबर 2018 को सूबे को ओडीएफ मुक्त करने का ऐलान कर चुके हैं। जिसके चलते जिला प्रशासन गांव, मोहल्ले और कस्बों में टॉयलेटों का निर्माण करा रहा है। पर यह सरकारी टॉयलेट शौंच के बजाए घरेलू सामान रखने के उपयोग में लाए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला जगनेर ग्राम पंचायत के सरवनखेड़ा गांव में सामने आया, जहां सोसायटी के दबंग सचिव ने टॉयलेट पर कब्जा कर उसे अपना स्टोर रूम बना लिया है। गांव वालों ने इसकी शिकायत की, लेकिन उस पर किसी ने अभी तक कार्रवाई नहीं की। इसके कारण ग्रामीण खुले में शौंच के लिए जाने को मजबूर हैं।

सचिव ने जबरन किया कब्जा
सीएम योगी व पीएम मोदी के सपने को साकार करने के लिए यूपी के 75 जिलों को खुले में शौंच मुक्त बनाने के लिए मुहिम छेड़ी गई है। इसी के तहत कानपुर नगर व देहात में लोगों के घरों के बाहर बड़े पैमाने पर टॉयलेटों का निर्माण कराया गया है। पर कुछ लोग सरकारी टॉयलेटों पर कब्जा कर उन्हें अपने घर के सामान रखने के रूप में इस्तमाल कर रहे हैं। सरवनखेड़ा गांव के दबंग सोसाइटी सचिव इंद्रजीत ने टॉयलेट पर जबरन कब्जा कर लिया और उसके अंदर अपने घर का सामान रख दिया। गांव वालों ने जब इसका विरोध किया तो दबंग सचिव ने उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दे दी। बावजूद गांववलों ने सचिव की करतूत के बारे ग्रामप्रधान और ग्राम विकास अधिकारी को बताया। सत्ता में अच्छी पकड़ के चलते सचिव पर कार्रवाई नहीं हुई। गांववालों का आरोप है कि भाजपा नेताओं का संरक्षण सोसाइटी के सचिव को मिला हुआ है। टॉयलेट पर कब्जा करने के चलते महिलाओं को खुले में शौंच के लिए जा रही हैं।

ग्राम पंचायत के पैसे से हुआ है निर्माण-
गांव के अशोक कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत के पैसे से लोगों के लिये साधन सहकारी समिति की जगह पर शौचालय का निर्माण कराया गया था। टॉयलेट बनने के बाद सोसाइटी के सचिव इंद्रजीत श्रीवास्तव ने उस पर तारा जड़ दिया। एक सप्ताह के बाद सचिव ने अपने घर का सामान रख उसे स्टोर रूप में तब्दील कर दिया। हमलोगों ने जब इसका विरोध किया तो सचिव मारपीट पर उतारू हो गया। अशोक का आरोप है कि सचिव एक भाजपा नेता के चलते गांव में अपनी दबंगई दिखाता है। हमलोगों ने ग्राम विकास अधिकारी से शिकायत की, जिस पर उन्होंने भी अपने हाथ खड़े कर लिए। तहसील दिवस पर सीडीओ को जानकारी दी। उन्होंने जांच का आश्वासन देकर हमें लौटा दिया। टॉयलेट पर कब्जे के चलते महिलाओं को बाहर शौंच के लिए जाने पर विवश होना पड़ रहा है।

इस लिए किया कब्जा-
सचिव इंद्रजीत श्रीवास्तव ने इस मामले पर कहा कि सरकारी टॉयलेट हमारी जमीन पर बना है। जिसके चलते उसमें हमने ताला लगा दिया गया है। सचिव ने कहा कि हमारे पास खुद का टॉयलेट है, जिसके चलते इसे अपने स्टोर रूम के तौर पर इस्तमाल कर रहे हैं। सचिव से जब पूछा गया कि इसका निर्माण सरकारी पैसे से किया है, फिर भी आप कब्जा किए हैं तो उन्होंने कहा कि जो पैसा सरकार का लगा है उसे हम वापस कर देंगे, पर दूसरे को इसमें टॉयलेट नहीं करने देंगे। वहीं सीडीओ केदारनाथ ने बताया कि हमारे पास ऐसी शिकायत नहीं आई। फिर भी आपके जरिए जानकारी मिली है तो बीडीओ को गांव भेजा जाएगा और अगर टॉयलेट पर कब्जा की बात सही निकलती है तो सचिव पर कार्रवाई की जाएगी।

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