सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हारी

यूपी में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा ने भले ही अपना परचम दिया हो और 80 फीसदी सीटें जीत ली हो, लेकिन एक सीट की हार ने सपा को मुंह छिपाने के लिए मजबूर कर दिया है।

फरुर्खाबाद. यूपी में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा ने भले ही अपना परचम दिया हो और 80 फीसदी सीटें जीत ली हो, लेकिन एक सीट की हार ने सपा को मुंह छिपाने के लिए मजबूर कर दिया है। यह हार सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की बहू रही मोनिका यादव की है, जो मुलायम के भतीजे और बदायूं से सांसद धर्मेंद्र यादव की पहली पत्नी थी और उनका तालाक हो चुका है। मोनिका यादव फरुर्खाबाद के मोहम्मदाबाद ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हार गई हैं।

मोनिका पूर्व मंत्री व अमृतपुर क्षेत्र के सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव की बेटी भी हैं। उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी अमित दुबे ने 26 वोटों से पराजित किया। मोहम्मदाबाद में काफी समय बाद सपा प्रत्याशी को प्रमुख चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। मोनिका को 49 व अमित दुबे को 75 वोट मिले। वहीं, चार वोट निरस्त हो गए। बता दें कि पिछले चुनाव में मोहम्मदाबाद ब्लॉक से विधायक नरेंद्र सिंह यादव की भाभी बसंती देवी चुनाव जीती थीं।


सब दल एक हुए, तभी जीते अमित दुबे
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में इस बार सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव को सबक सिखाने के लिये भाजपा, बसपा व कांग्रेस के अलावा सपा के भी कुछ असंतुष्ट नेता अमित दुबे के साथ डटे रहे। उन्होंने जीत का जमकर जश्न मनाया और अमित को कंधों पर उठाकर नारेबाजी की। बसपा के मंडल कोआर्डीनेटर रामनरेश गौतम, स्वदेश पाल, भाजपा नेता नागेंद्र सिंह राठौर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा, महामंत्री दिनेश अग्निहोत्री आदि अमित दुबे के समर्थन में मतदान के दौरान उनके साथ मौजूद रहे।

अपनों ने ही की दगाबाजी, मोनिका हारीं
वहीं, सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव से असंतुष्ट पार्टी के नेता चन्नू यादव, जग्गू यादव, राघवेंद्र मिश्र आदि भी अमित के खेमे में डटे थे। अमित के भाई डब्बन दुबे ने कस्बे में ही रुककर समर्थकों की हौसला आफजाई की, जबकि बड़े भाई डॉ. अनुपम दूबे अपने गांव सहसापुर में समर्थकों के साथ बैठकर मतदान की रणनीति बनाते रहे। शाम चार बजे अमित की जीत की खबर मिलते ही ब्लाक के निकट चौराहे पर खड़े समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। अमित के ब्लॉक के बाहर निकलते ही लोगों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। इसके बाद अमित काफिले के साथ अपने गांव सहसापुर रवाना हो गये।
Sujeet Verma
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