शहीन बाग का रूप ले रहा है मोहम्मद अली पार्क, सुभाषिनी के बाद गरजीं मुनव्वर राणा की बेटी

Vinod Nigam

Updated: 15 Feb 2020, 09:10:03 AM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) के विरोध में दिल्ली स्थित शहीनबाग में धरना-प्रदर्शन चला है तो वहीं इसी तर्ज पर कानपुर के चमनगंज इलाके के मोहम्मद अली पार्क में पिछले 45 से ज्यादा दिनों से महिलाएं धरने पर बैठी हैं। यहां पर हररोज राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा समाजजिक संगठनों के साथ ही रिटायर्ड आईएएस लोग पहुंच रहे हैं। पूर्व सांसद सुभाषिनी अली, संजय पांडेय, करिश्मा ठाकुर के बाद गुरूवार को मुनव्वर राणा की बेटी उरुसा राणा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक सीएए देशहित में नहीं है। जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं करती तब तक हमें इसी तरह से अहिंसा पूर्वक अपना आंदोलन जारी रखना है।

मूल अधिकारों का हनन
उरुसा राणा ने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि सीएए सेक्युलिरज्म इस देश के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है। सीएए हमारे मूल अधिकारों का हनन करता है। हमारे मुल्क में सिटिजनशिप का कॉन्सेप्ट सिंगल है। कहा कि ये बिल संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन करता है, ऐसे में हमसब को इसका विरोध गांधीवादी तरके से करना होगा। उरुसा राणा ने कहा कि हम पर मुकदमा दर्ज किया गया है फिर भी हमें अपने संविधान और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जिस तरह से आल पिछले कई दिनों से ठंड में डटे हैं इसका फल अच्छा मिलेगा।

रिटायर्ड आईएएस ने भी किया संबोधित
इसके साथ ही सेवानिवृत्त आईएएस अनीस अंसारी और आरिफ भी धरना स्थल पर आए उन्होंने महिलाओं को सीएए, एनआरसी, एनपीआर के बारे में बताया। महिलाएं हाथों में तिरंगा लिए हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाती रहीं। धरना स्थल पर बैठीं महिलाओं से कहा गया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसा कर रही है। महिलाओं ने कहा कि सबकी जिम्मेदारी है कि संदिग्ध तत्वों पर नजर रखें। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से वे अपनी बातें रखती रहेंगी जब तक सीएए वापस नहीं हो जाता।

संदीप पांडेय भी पहुंचे पार्क
मैग्सेसे पुरस्कार विजेता संदीप पांडेय भी पार्क में पहुंचे और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएए और एनआरसी को खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि वह देश की महिलाओं के साथ 23 फरवरी से दिल्ली से लेकर असम तक वाहन यात्रा निकालेंगे । दो मार्च को ग्वालपाड़ा स्थित डिटेंशन सेंटर का घेराव करेंगे। महिलाओं ने भी पांडेय के कंधे से कंधा मिलाकर चलने ऐलान किया है। मोहम्मदअली पार्क में बैठी महिलाओं की उन्होंने हौफलाजाई करते हुए कहा कि ये आंदोलन महिलाओं के नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज किया जाएगा। सरकार ने देश के संविधान के साथ खिलवाड़ किया है, जिसे किसी भी कीमत पर नहीं माना जाएगा।

बाहर कर दिए जाएंगे लोग
पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि चंद वोटों के चलते भाजपा की साजिश कभी कामयाब नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शहीनबाग हो य मोहम्मद अली पार्क में महिलाएं कड़ाके की ठंड में डटी हैं, इससे सरकार जरूर जागेगी और सीएए को वापस लेने को मजबूर होगी। कहा, महिलाएं महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, बाबा साहब आंबेडकर, सावित्री बाई फूले आदि की फोटो के साथ आंदोलन कर रही हैं। यही संवैधानिक कर्तव्य है।

45 दिन से जारी हैं धरना
शाहीनबाग की तरह कानपुर के चमनंगज इलाके के पिछले 45 दिनों से मोहम्मद अली पार्क में महिलाएं धरने पर बैठी हैं। यहां पर कई नेता भी आ चुके हैं। इसबीच बीते शनिवार को धरने को खत्म कराने के लिए डीएम-एसएसपी धार्मिक गुरूओं के साथ पार्क भी पहुंचे। महिलाओं को समझाया और धरना खत्म करवा दिया। लेकिन शाम को फिर महिलाएं पार्क में धरने पर बैठ गई। सोमवार की सुबह पुलिस ने उन्हें जबरन पार्क से हटा दिया। जिसके कारण पुलिस और लोगों के बीच भिड़न्त हुई। बवाल बड़ता देख पुलिस ने धरने की इजाजत दे दी।

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