ब्रज के रूप में नजर आया आनंदेश्वर मंदिर शिवाला में मुस्लिमों ने खेली फूलों की होली

होलिका दहन के दूसरे दिन मंदिरों में भक्तों और रंगबाजों ने जमकर होली खेली। शहर के एतिहासिक आनंदेश्वर मंदिर मंगलवार को ब्रज के रूप में रंगा नजर आया

By: Ruchi Sharma

Published: 14 Mar 2017, 06:45 PM IST

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कानपुर. होलिका दहन के दूसरे दिन मंदिरों में भक्तों और रंगबाजों ने जमकर होली खेली। शहर के एतिहासिक आनंदेश्वर मंदिर मंगलवार को ब्रज के रूप में रंगा नजर आया। शिव जी के इस मन्दिर में भक्तों ने फूलों की होली खेली। भक्तों ने भगवान शिव के संग होली खेली। मंदिर परिसर में आयोजित शिव तांडव में परिवार समेत पहुंचे भक्तों ने झूमते हुए शिव अराधना कर सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर में सुबह तड़के से ही भगवान शिव के साथ होली खेलने वालों में हजारों की भीड़ उमड़ी जो शाम तक रंग और फाग के जरिए भोले से मन्नतें मांगी। वहीं शिवाला में प्रयागराज मंदिर में हिन्दू और मुस्लिम भाईयों ने मिलकर होली खेलकर देश के अमन के लिए दुआ मांगी।

एक सप्ताह तक खेली जाती है होली

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पूरे देश में रंगों का पर्व होली बड़ी धूम-धाम के साथ मनाई जा रही है। कानपुर में भी होलिका दहन के बाद पूरा शहर रंग और गुलाल से सराबोर नजर आया। आनंदेश्वर में भक्तों ने भोले शंकर के साथ होली खेली तो वहीं शिवाला, जागेश्वर, सिद्धेश्वर सहित बारादेवी और मां कुष्मांडा देवी के दर पर भक्त एकत्र हुए और एक दूसरे को रंग गुलाल लगा मन्नत मांगी। शहर में धुलेंडी से रंग खेलने का जो सिलसिला शुरू होता है वह करीब एक हफ़्ते तक चलता है। पूरे हफ्ते होली खेलने के बाद अनुराधा नक्षत्र के दिन कानपुर के लोग सरसैया घाट पर जाकर के गंगा में नहाएंगें और अपना रंग छुड़ाएंगे। इसी दिन गंगा मेले का आयोजन होगा और अगले दिन फिर से बाजार खुलेंगे।

हिन्दू -मुस्लिम भाईयों ने खेली होली 

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इस्लाम धर्म में होली खेलना भले ही बहुत बड़ा गुनाह हो, लेकिन प्रयाग नारायण शिवाला के मुसलमानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। यहां के सैकड़ों मुस्लिम व हिन्दू ने एक साथ मिलकर फूल और गुलाल के साथ होली खेली। मंदिर पर सभी धर्म के लोग को होली मानने एकत्र हुए और धार्मिक सौहार्द की अनोखी मिशाल पेश की। सभी ने गंगा जयुनी तहजीब के साथ ही आतंक के खात्में की कसमें भी खाईं। यहां का भाई चारा न तो राम मंदिर-बाबरी मस्जिद का झगड़ा तोड़ पाया और न ही 1947 में देश का बटवारा। यहां के हिन्दू-मुसलमान एक दूसरे के त्यौहारों को मिलकर मनाते हैं।

156 साल से चली आ रही परंपरा

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प्रयाग नारायण शिवाला मंदिर के पूर्व प्रबंधक व मानस संगम के संयोजक बद्रीनारायण तिवारी ने बताया कि सन् 1861 को इस मंदिर की स्थापना हुई थी। तब से लेकर आज तक यहां हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के लोग एकसाथ रंग और गुलाल के साथ होली खेलते आ रहे हैं। होली पर्व पर हिंदू-मुसलमान सभी ने एक दूसरे को बधाई दी और गले मिल कर होली के पर्व को धूम धाम से मनाया।

महाना संग महेश ने गाई फाग

आमशहरी जहां रंगों से सराबोर है तो वहीं विधानसभा चुनाव जीतने वाले विधायक ने भी जमकर होली खेली। भाजपा विधायक महेश त्रवेदी अपने समर्थकों के साथ रंग गुलाल के साथ फाग गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। त्रिवेदी ने इस दौरान ढोलक बजाकर फल्गुनी गीत गुनगुनाए। वहीं सतीश महाना, सत्यगेव पचौरी, नीलिमा कटिया, अभिजीत सांगा भगवती शरण सागर और कमल रानी वरुण ने भी रंग के त्यौहार को बड़े धूम धाम से मनाया।
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