पुलिस पर नमाजियों के हमले के बाद पीएसी के हवाले हुआ शहर, ७५ लोगों पर मुकदमा

१६ आरोपी किए गए गिरफ्तार, अन्य की तलाश में चल रही छापेमारी
नमाज अदा करने से रोकने पर पुलिस पर हुआ था जानलेवा हमला

कानपुर। कन्नौज जिले में पुलिस पर हुए नमाजियों के हमले के बाद दूसरे दिन भी तनाव का माहौल रहा। सुरक्षा के लिए पूरे शहर को पीएसी के हवाले कर दिया गया है। दूसरी ओर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की तो ज्यादातर आरोपी अपने घरों से भागकर किसी और के यहां छिप गए हैं। पुलिस पूरे शहर में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें तलाश रही है। अब तक १६ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी को ढूंढने के लिए टीमें गठित कर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जिस कारण पूरे शहर में इस समय अजीब सी हलचल और दहशत है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में होने का दावा किया है।

जिद पर अड़ गए नमाजी
बार-बार रोकने और की गई कानूनी कार्रवाई के बावजूद कन्नौज शहर के कागजियाना मोहल्ले में नमाजी नहीं माने और सामूहिक नमाज करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस पर नमाजियों और पुलिस के बीच बहस हुई और एकाएक नमाजियों के एक गुट ने पुलिस पर हमला बोल दिया। एक साथ 200-250 लोगों की भीड़ ने छतों से ईंट-पत्थर बरसाए और लाठी-डंडे, फावड़ा और कुल्हाड़ी से भी हमला किया। दरोगा की बाइक को ईंट-पत्थर से क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में चौकी इंचार्ज, एक सिपाही और एलआईयू का सिपाही घायल हो गए थे।

संकरी गली में फंस गए पुलिस वाले
कागजियाना मोहल्ले में साबिर का मकान जिस इलाके में है वहां की गलियां बेहद संकरी हैं। जब मौके पर पहुंचे हाजी शरीफ चौकी प्रभारी आनंद पांडेय और एलआईयू दरोगा राजवीर सिंह ने लॉकडाउन का हवाला देते हुए नमाज पढऩे से मना किया तो इस पर भडक़े नमाजियों ने गाली-गलौज के साथ पुलिस पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मी जब तक भागते लोगों ने छतों से पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। गली संकरी होने से पुलिस टीम फंस गई। सिपाही सौदान सिंह का सिर फट गया। पुलिसकर्मी सिपाही को उठाकर किसी तरह बाहर लाए। पत्थर लगने से एलआईयू सिपाही राजवीर सिंह और चौकी इंचार्ज आनंद पांडेय भी घायल हो गए।

घरों से खींचकर निकाले गए आरोपी
हमले के बाद स्थिति को संभालते हुए अधिकारियों ने कई थानों का फोर्स बुला लिया। गलियों में घुसने से पहले ड्रोन से छतों की निगरानी कराई। छत पर किसी के नहीं होने पर अधिकारी गली में दाखिल हुए। इसके बाद फोर्स ने आरोपियों को घरों से खींचकर बाहर निकाला। इस दौरान 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना गंभीर है। लोगों को लगातार लॉकडाउन का हवाला देकर समझाया जा रहा था। इसके बाद भी सामूहिक रूप से एक मकान में नमाज अदा की जा रही थी। घटना में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। घटना में 25 नामजद और 50 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जिलाधिकारी का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और आरोपियों पर एनएसए की कार्रवाई भी की जा सकती है।

आलोक पाण्डेय
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