थाने के अंदर इंस्पेक्टर ने किया छल, मुस्लिम महिला का कराया तलाक

पति उत्पीड़न की शिकायत लेकर पहुंची थी थाने, पति ने दरोगा को मिलाकर तलाकनामे में करवाए दष्तखत

By: Vinod Nigam

Published: 11 Sep 2018, 02:31 PM IST

कानपुर। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओं को राहत देते हुए त्रिपत तलाक पर रोक लगा दी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें न्याय दिलाने के लिए संसद से कानून पास कराए जाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ के राज में उनकी मित्र पुलिस पति से प्रताड़ित महिलाओं की शिकायत सुनने के बजाए थाने के अंदर छल के जरिए तलाक दिलवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कल्याणपुर में सामने आया। यहां एक मुस्लिम महिला पति की शिकायत लेकर पुलिस के पास गई और मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर सौंपी। इसकी भनक उसके पति को लगी तो वो सफेदपोशों को लेकर थाने पहुंच गया और दरोगा को मिलाकर पत्नी से जबरन कागज पर तलाकनामा लिखवा लिया। महिला भागकर अपने मायके गई और पूरी घटना की जानकारी मां को दी। मां अपनी बेटी का घर बचाने के लिए एसपी संजीव सुमन से मिली। एसपी ने पूरे प्रकरण की जांच कर पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा थानेदार व अन्य पुलिसकर्मियों पर जांच बिठा दी।

क्या है पूरा मामला
रावतपुर सब्जी मंडी निवासी जीशान जो घर की रंगाई-पुताई का ठेकेदार है ने कल्याणपुर की रहने आफरीन से चार साल पहले प्रेम विवाह किया था। शादी के एक साल तक जीशान पत्नी आफरीन को ठीक तरह से रखा, लेकिन फिर वो उसके साथ मारपीट करने लगा। पीड़िता ने बताया कि पति ने 2017 में मुझे घर से निकाल दिया। पूरी रात भीषण सर्दी में मैं सड़क पर बैठी रही। सुबह मोहल्लेवालों के कहने पर उसने मुझे घर के अंदर आने दिया। इसके बाद वो रात में शराब पीकर आता और मेरा शरीरिक-मानसिक उत्पीड़न करता। बावजूद मैं उसका उत्पीड़न बर्दाश्त करती रही। पर जुमे के दिन पति नशे की हालत में आया और मुझे त्रिपल तालाक बोले दिया।

एफआईआर के लिए गई थी थाने
पति की इस हरकत के चलते मैंने उसका घर छोड़ अकेले ऑटो पकड़ कर कल्याणपुर आई और थाने जाकर पुलिस को तहरीर दी। थाने में मौजूद सीनियर सब इन्सपेक्टर कृष्ण कुमार पटेल मुझे अपने रूम में ले गया और मामले की जानकारी ली। पीड़िता का आरोप है कि दारोगा ने मुझे कमरे के अंदर टॉवचर किया और एफआईआर नहीं लिखवाने का दबाव बनाया। पीड़िता ने बताया कि जब मैं रिपोर्ट लिखवाने पर अड़ गई। इसी दौरान कुछ सफेदपोशों को लेकर पति थाने आ धमका। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए बताया कि पति ने सीनियर सब इन्सपेक्टर कृष्ण कुमार पटेल को पैसे देकर मामला दर्ज करने के बजाए तलाकनामा में हस्ताक्षर करवाने को कहा। जिसे दरोगा ने मान लिया और खाकी का रौब दिखाकर थाने के अंदर मुस्लिम महिला का उसके पति से तलाक करवा दिया।

मां के साथ एसपी से मिली पीड़िता
अफरीन ने पूरी घटना की जानकारी अपनी मां हमीदुल निशा को बताई तो दोनों एसपी पच्छिम संजीव सुमन से आकर मिलीं और उन्हें तलाक के बारे में जानकारी दी। एसपी ने मामला बड़ता देख तत्काल कल्याणपुर को एफआईआर लिखने के आदेश दिए। पुलिस ने महिला की तहरीर पर दहेज उत्पीड़न सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को अरेस्ट करने का प्रयास कर रही है। अफरीन की मां ने बताया कि बेटी ने जीशान के साथ प्रेम विवाह किया था। हम इस शादी के खिलाफ थे, पर बेटी के चलते हमनें निकाह की रजामंदी दे दी। अफरीन की मां ने बताया कि जीशान का दूसरी युवती से शादी करना चाहता है और इसी के चलते वो अफरीन से तलाक लेने में अड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के साथ मोदी व योगी सरकार के कड़े रूख के चलते जीशन त्रिपत तलाक देने से डरता था और इससे बच निकलने का उसने तरीका खोज निकाला।

दरोगा को पैसे देकर पत्नी को कहा तलाक
अफरीन का आरोप है कि त्रिपत तलाक नहीं देने के चलते पति ने पुलिस को पैसे देकर अपने पक्ष में कर लिया और थाने के अंदर मुझसे जबरन तलाकनामें में दश्तखत व अंगूठा लगवा लिया। अफरीन ने बताया कि मैं हर हाल में जीशान को जेल भिजवा कर रहूंगी और उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले उसके लिए कोर्ट में खड़ी रहूंगा। अफरीन ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि पैसे लेकर तलाकनामा करवाने वाले दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे भी जेल भेजा जाए। जिससे कि कोई दूसरा पुलिसवाला ऐसा करने से पहले कईबार सोंचे। मामले पर एसपी संजीव सुमन ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। दरोगा पर अगर आरोप सही पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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