बिकरू घटना में नामजद 50 हजार का इनामी गिरफ्तार, घटना की रात की दास्तां की बयां

पूछताछ में उसने उस रात पुलिस से लूटे हाथियार गांव में ही होने की बात बताई।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 15 Jul 2020, 07:06 PM IST

कानपुर देहात-कानपुर नगर के बिकरू गांव में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया। जिसके बाद पुलिस ने साथी अपराधियों की धरपकड़ और तेज कर दी। वहीं पुलिस ने हत्या में नामजद पचास हजार के ईनामी शशिकांत पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। ज्ञात हो कि शशिकांत प्रेम कुमार पाण्डेय का पुत्र है, जिसको पुलिस ने 3 जुलाई की सुबह मुठभेड़ में मार गिराया था। बताया गया कि शशिकांत को चौबेपुर क्षेत्र से एसओजी, रेलबाजार व शिवराजपुर पुलिस ने धर दबोचा। जिसके बाद उसे कानपुर देहात न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

पुलिस द्वारा शशिकांत से पूछताछ में उसने उस रात पुलिस से लूटे हाथियार गांव में ही होने की बात बताई। जिसके बाद उसकी निशानदेही पर विकास दुबे के ढहाए घर से एके-47 व कारतूस बरामद किए। वहीं शशिकांत के घर से इंसास रायफल व 20 कारतूस बरामद किए हैं। शशिकांत ने पूछताछ के दौरान वारदात में विकास दुबे सहित खुद का शामिल होने कि स्वीकारोक्ति की। साथ ही उसने पिता प्रेम कुमार, अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रभात मिश्रा, बउअन, हीरू, शिवम, जिलेदार, रामसिंह, रमेशचंद्र, गोपाल सैनी, अखिलेश मिश्रा, विपुल, श्यामू बाजपेई, राजेन्द्र मिश्रा, बालगोविंद दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री आदि लोगों के शामिल होने की बात भी बताई। इसके अतिरिक्त सोनू व गुड्डन के सम्मिलित होने की जानकारियां मिली है।

पुलिस टीम के साथ कानपुर देहात न्यायालय पहुंचे शशिकांत ने पत्रकारों को बताया कि उस रात विकास ने करीब 25 से 30 हथियारबंद लोगों को बुलाया था। उसने बताया कि विकास ने धमकी देकर पुलिस पर गोली चलवाई थी। असलहे के सवाल पर उसने बताया कि जो लोग आए थे वे हथियार लेकर ही आए थे। उसने यह भी बताया कि सीओ के पैर पर बउआ ने वार किया था। अमर दुबे, विकास और प्रभात ने गोली मारी थी।

Arvind Kumar Verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned