नेपाली थापा और शंभू को गाली देना पड़ा महंगा, भाईयों को मार कर जमीन के अंदर दफनाया

नेपाली थापा और शंभू को गाली देना पड़ा महंगा, भाईयों को मार कर जमीन के अंदर दफनाया

Vinod Nigam | Publish: Sep, 09 2018 10:19:08 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

दो दिन पहले माकर एक खाली प्लॉट के अंदर कर दिया था दफन, रावतपुर क्रासिंग के पास से पुलिस ने किया अरेस्ट

कानपुर। काकादेव थानाक्षेत्र स्थित नवीन नगर निवासी मोनू सिंह और प्रिंस के हत्यारोपी पुलिस के हत्थे लग गए हैं। एडीजी की क्राइम ब्रान्च और काकादेव पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर रावतपुर क्रांसिग के पास से आकाश पुत्र शोभनाथ और दिवाकर पुत्र सुभाष चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की वजह उगल दी। एसपी पच्छिम संजीव सुमन ने बताया कि मोनू और प्रिंस शुक्रवार को पैसे लेने के लिए केशव वाटिका जा रहे थे। इसी दौरान दोनों कर नजर सागर थापा, शोभनाथ और दिवाकर पर पड़ी। मोनू ने उन्हें कार पर बैठा लिया और पैसे लेकर घर की तरफ चल पड़े। इसी दौरान तीनों ने कार के अंदर शराब पीने लगे, जिसका विरोध मोनू ने किया। जिससे गुस्साए सागर थापा मोनू पर टूट पड़ा। विवाद ज्यादा बढ़ने पर प्रिंस ने कार सड़क के किनारे खड़ी कर भाई को बचाने लगा। इसी दौरान थापा और शंभूनाथ सड़क के किनारे पड़ी ईट से मोनू और प्रिंस पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए शव को नजदीक के प्लॉट में जमीन के अंदर दफन कर दिया।

क्या है पूरा मामला
काकादेव के नवीन नगर में शुक्रवार तड़के लावारिस कार खड़ी थी। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कार का गेट खोलकर जांच पड़ताल की तो उसके अंदर खून और मांस के टुकड़े मिलें। पुलिस ने कार मालिक की पहचान कर उनके परिजनों को थाने बुलाया और जांच शुरू कि तो जो मंजर सामने आया, उसे देख कर पुलिस भी हिल गई। पुलिस को काकादेव स्थित टिंबर कारोबारी के खाली प्लॉट के अंदर जमीन के नीचे दो शव मिले। पुलिस ने उन्हें खुदवा कर बाहर निकाला, जिनकी पहचान मोनू सिंह और उनके भाई प्रिंस के रूप में हुई। कातिलों ने दोनों के शव टिंबर कारोबारी के खाली प्लाट में दफना दिए थे।

पैसे लेने के लिए निकले थे दोनों
काकादेव ओम चौराहे के पास रहने वाले मोनू सिंह की घर के पास ही आरजेएल वॉलेट नाम से मोबाइल कम्युनिकेशन व ई पेमेंट की दुकान है। मोनू के साथ उसका छोटा भाई प्रिंस भी कारोबार में हाथ बंटाता था। शुक्रवार दोनों भाई एक कारोबारी के घर से पैसे लेने के लिए निकले थे। वो केशव वाटिका की तरफ से जा रहे थे। इसी दौरान रेवमोती के पास पड़ोस के रहने वाले शंभूनाथ सागर थापा और दीवाकर पर उनकी नजर पड़ गई। दोनों भाईयों ने तीनों को कार में बैठा लिया। दोनों भाई कारोबारी से पैसे लेने के लिए चले गए, जबकि कार के अंदर तीनों आरोपी बैठकर शराब पी। पैसे लेने के बाद प्रिंस कार चला रहा था तो मोनू उसके बगल की सीट पर बैठा था।

कार से उतरने के साथ दी गाली
अभियुक्त दिवाकर ने बताया कि मैं और थापा व शंभूनाथ मूलरूप से नेपाल के रहने वाले हैं। कई साल पहले हम परिवार के साथ कानपुर के काकादेव में रहने लगे। मोनू और प्रिंस से मोहल्ले के नाते पहचान हो गई। शुक्रवार को कार के अंदर थापा और शंभूनाथ शराब पीने लगे। मोनू सिंह ने उन्हें कार के अंदर शराब पीने से मना किया, पर हमलोग नहीं मानें। मोनू ने हमें अपशब्द कहकर कार से उतर जाने को कहा। जिससे थापा और शंभूनाथ भड़क गए और हम तीनों ने मिलकर दोनों भाईयों की ईट से वार कर कार के अंदर हत्या कर दी और शवों प्लाट के अंदर दफना दिया।

पुलिस ने कराई खोदाई
जिस जगह कार मिली थी, पुलिस ने वहीं पर स्थित प्लॉट की शुक्रवार की रात खोदाई कराई। करीब पांच फीट नीचे दोनों भाइयों के शव दबे मिले। पुलिस ने रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को डॉक्टर्स ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए। एसपी संजय सुमन ने बताया कि आरोपियों ने दोनों की हत्या ईट के जरिए कार के ंअदर की थी। पुलिस को कार के अंदर रस्सी, मांस के लोथड़े, दो बैग जिसमें डेढ़ लाख रुपये, कई सिमकार्ड, एक मोबाइल फोन और दिल्ली के युवक व युवती का आधार कार्ड मिला था। तीनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, जिन्हें धर दबोचा गया। जल्द ही तीसरे आरोपी को भी अरेस्ट कर लिया जाएगा।

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