१०८ नंबर एंबुलेंस सेवा के लिए नियमों में हुआ यह बदलाव

निजी अस्पताल से सरकारी में भर्ती कराने पर भी मिलेगी सुविधा
निजी अस्पताल में ले जाने के लिए नियम में सुविधा नहीं होगी

कानपुर। १०८ नंबर एंबुलेंस सेवा के नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों के चलते अब निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। मरीजों को अगर प्राइवेट अस्पताल से हैलट, उर्सला, डफरिन या अन्य किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती होना है तो एम्बुलेंस सेवा मुफ्त मिलेगी। 108 नम्बर की एम्बुलेंस उन्हें सरकारी अस्पताल में छोड़ेगी।

अभी तक था यह नियम
पुराने नियम के मुताबिक अभी तक एक सरकारी अस्पताल से दूसरे सरकारी अस्पतालों के लिए ही एम्बुलेंस सेवा मुफ्त मिल रही थी। जबकि कानपुर से रोजाना लगभग 200 कॉल प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की मिल रही है। कॉल करने वाले मरीज को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराने को कहते हैं, मगर नियम नहीं होने की वजह से लाभ नहीं मिल पा रहा। इसके चलते शासन ने नियमों में बदलाव किया है।

अब मिलेगी यह राहत
सेवा प्रदाता कंपनी ने फैसला किया है कि सेवा प्रदाता कंपनी के कानपुर के मैनेजर आशीष तिवारी के मुताबिक सरकारी एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पतालों से मरीज सरकारी अस्पतालों में लाने की सुविधा मिली है। 108 एम्बुलेंस मरीज को निजी अस्पताल से सरकारी अस्पताल पहुंचाएगी। जबकि सरकारी एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पतालों में मरीज नहीं पहुंचाए जाएंगे। अक्सर मरीजों के तीमारदार प्राइवेट में पहुंचाने का दबाव बनाते हैं मगर यह सुविधा नहीं दी जा रही है।

इस सुविधा के लिए १02 सेवा
१०२ एंबुलेंस सेवा के तहत अगर प्रसूता और नवजात बच्चे को सरकारी अस्पताल से घर ले जाना है या दूसरे अस्पतालों मसलन लखनऊ या किसी अन्य जिले में ले जाना है तो 102 सुविधा मिलेगी। मैनेजर आशीष तिवारी के मुताबिक दूसरे जिलों में ड्राप बैक के लिए कभी-कभी एक एम्बुलेंस में दो महिलाओं को भेजना पड़ता है। 102 एम्बुलेंस सेवा अब गर्भवती महिलाओं को पांच महीने उपलब्ध रहेगी। प्रेगनेंसी के चौथे महीने से नौवें महीने तक वे कभी भी सरकारी अस्पतालों में एंटीनेटल चेकअप के लिए 102 एम्बुलेंस कॉल कर सकती हैं। इसी तरह एक वर्ष तक के बच्चे के लिए भी 102 एम्बुलेंस पहुंचेगी।

इस सेवा के लिए भी १०८ एम्बुलेंस
इसके अलावा अगर किसी महिला को किसी दूसरी समस्या के लिए एम्बुलेंस कॉल करना पड़ता है तो वह 108 एम्बुलेंस को कॉल करें। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक अक्सर देखा जा रहा है महिलाओं के लिए 102 एम्बुलेंस कॉल की जा रहा है। इसलिए स्पष्ट किया गया है कि 102 एम्बुलेंस सिर्फ गर्भवती महिलाओं और एक वर्ष तक के बच्चों के लिए ही है।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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