बढ़ाई जाएगी कोराना फाइटर्स की सुरक्षा, हर चार घंटे में बदलेंगे पूरी किट

गर्मी से डॉक्टर नहीं होंगे परेशान, कोविड -१९ अस्पताल के हर फ्लोर पर होगा एसी

कानपुर। कोरोना वायरस से संक्रमित हो रहे डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत डॉक्टर और हेल्थ वर्कर एक पीपीई किट और मास्क सिर्फ चार घंटे ही पहनेंगे, इसके बाद उसे फेंक दिया जाएगा। अभी तक एक दिन की ड्यूटी के दौरान एक ही किट से काम चलाया जा रहा था। यह दिशा-निर्देश कोविड-19 हॉस्पिटल की ड्यूटी करने वालों के लिए है। इसके अलावा कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अब गर्मियों के मौसम में एसी की ठडी हवा के बीच काम करेंगे।

शासन से जारी हुए आदेश
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए अलग दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत कोविड हॉस्पिटल में हर दो घंटे में डॉक्टर राउंड करेंगे। मरीज के बेड पर पल्स ऑक्सीमीटर से जांच की जाएगी। डॉक्टर अपने मोबाइल से वीडियो भी बनाएंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लाल चंदानी ने बताया कि कोविड हॉस्पिटल में मौत होने पर शव को पांच मिनट के अंतराल में मॉर्च्युरी भेजा जाएगा। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद परिजनों को शव को अंतिम संस्कार के लिए निस्तारण कराया जाएगा। कोविड के नोडल अधिकारी को ही फैसले का अधिकार होगा।

किए जाएंगे यह इंतजाम
शासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार अब हर चार घंटे में कोविड-19 हॉस्पिटल में ड्यूटी करने वालों को पीपीई किट बदलनी होगी। डॉक्टरों को दी जाने वाली पीपीई किट डीआरडीओ और सिट्रा से मान्यता प्राप्त हो और उसमें यूसी कोड होना जरूरी है। नए दिशा-निर्देश के मुताबिक पीपीई किट के साथ मास्क, चश्मा, ग्लव्स और ***** पहनना अनिवार्य है। जिन डॉक्टरों ने कोविड हॉस्पिटल में ड्यूटी की है, उनके लिए हर फ्लोर पर एसी रूम होगा क्योंकि पीपीई किट घंटों पहनने से डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ पसीना पसीना हो जाता है।

आलोक पाण्डेय
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