किन्नरों से निपटने के लिए बना सुरक्षा कवच, महिला रेलवे कर्मचारियों की भी करेगा हिफाजत

21 सदस्यीय महिला टीम का किया गया गठन, आधीआबादी की सुरक्षा करेगा यह संगठन

By: Vinod Nigam

Published: 25 Apr 2018, 12:01 PM IST

कानपुर। नार्थ रेलवे ने एक महिला विंग का गठन किया है, जो रेलवे की महिला कर्मचारियों के साथ ट्रेन में सफर रहने वाली आधीआबादी की रखवाली करेगी। साथ ही ट्रेन के अंदर प्रसूता की डिलेवरी होने पर कॉल आने के बाद तत्काल एम्बूलेंस लेकर मौके पर जाएगी और प्राथमिक इलाज के बाद रेलवे के हॉस्पिटल में एडमिट करवाएगी। इस विंग में अभी 21 महिलाए हैं, जिनमें से कामिनी वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है, जो कानपुर सेंट्रल रेलवे के हॉस्प्टिल पर कर्मचारी हैं। बीना ने बताया कि विभाग में काम करने वाली महिलओं के साथ आएदिन अराजकतत्व छेड़छेड व परेशान करते हैं। वह शिकायत करतीं हैं, पर अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करते। जिसके कारण इस विंग का गठन किया गया है जो आधीआबादी को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराएगा। अपराधी और किन्नर महिला मुसाफिरों के साथ लूटपाट करते हैं, जिन पर लगाम लगाई जाएगी। फोन करने के लिए हमारी टीम मौके पर जाकर उन्हें सबक सिखाएगी।
इस लिए बनाई गई विंग
नार्थ रेलवे के अंर्तरगत आने वाले कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सरकारी हॉस्पिटल में तैनात बीना सिंह के नेतृत्व में महिला विंग का गठन किया गया है, जो विभाग में कार्य के साथ ही ट्रेन में सफर करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा करेगी। विंग की बागडोर कामिनी वर्मा के हाथों में दी गई है, जो हॉस्पिटल में कर्मचारी है। कामिनी वमाने बताया कि हमारे उपाध्यक्ष आरडी यादव के दिमाग की उपज है। उन्होंने ट्रेन के साथ ही विभाग में काम करने वाली महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतें सुनने के बाद इनसे निपटने के लिए विंग का गठन किया। हमें इसका अध्यक्ष बनाया तो 21 अन्य महिलाओं को कई पदों पर बैठाकर आधीआबादी की रखवाली की जिम्मेदारी दे दी। बीना ने बताया कि हमरा पहले कदम विभाग में कार्य करने वाली महिला कर्मियों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का निराकरण कराना है। साथ ट्रेन में सफर करने वाले महिलाओं को अपराधियों और किन्नरों के खौफ से बचाना है।
महिला यात्रियों को बनाते हैं शिकार
कामिनी वर्मा कहती हैं कि इस वक्त ट्रेनों की बोगियों में किन्नरों का राज है और वह आएदिन महिला यात्रियों के साथ लूटपाट करते हैं। शुक्रवार को ें दिल्ली से डिबरूगढ़ जा रही ब्रम्हपुत्रा एक्सप्रेस के जनरल कोच में पांच किन्नरों ने जमकर आतंक मचाया। आधा दर्जन पुरूष तो एक दर्जन महिला यात्रियों से मारपीट के साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया था। यात्रियों को लूटने के बाद आरोपी किन्नर हाथरस के पास चेनपुलिंग कर फरार हो गए थे। . चेनपुलिंग होने पर ट्रेन का गार्ड जहनुल निषाद मौके पर पहुंचा तो उसे मामले की जानकारी हुई. उसने घटना की सूचना रेलवे कंट्रोल रूम में दी। यह एक बड़ी वारदात थी और मामले को जीआरपी देख रही हे। साथ ही जहां वारदात हुई वह एरिया में क्षेत्र में नहीं आता। बावजूद कई यात्री कानपुर पहुंचे, जिन्हें इलाज के लिए हमलोग हॉस्पिटल लेकर गए और उन्हें एडमिट कर इलाज किया।
यत्रियों के साथ करते हैं लूटपाट
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में लखनऊ से कानपुर व लखनऊ से सुल्तानपुर रेलखंड की ट्रेनों में आए दिन किन्नर यात्रियों से जबरन रुपये वसूलते हैं। इन्कार करने वाले से ये अभद्रता, मारपीट करने से भी नहीं चूकते। वहीं, कानुपर से मुम्बई और दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों में किन्नर आएदिन यात्रियों से जबरप पैसे वसूलते हैं। इस पर कामिनी वर्मा ने बताया कि हां कई मामले सामने आए हैं। हमारी टीम जीआरपी के साथ ही आरपीएफ की मदद से ट्रेनों को किन्नरों से मुक्त करवाएंगे। इसके लिए हमारी टीम की सदस्य व जीआरपी के जवान सादे ड्रेस में ट्रेन में सफर करेंगे और बोगी के अंदर किन्नरों ने आतंक किया तो पकड़ कर जेल भेजा जाएगा। बताती हैं,ं. रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद नार्थ रेलवे के आरपीएफ और जीआरपी की टीमें ट्रेनों में चल रही हैं और पांच दिन से किन्नर ट्रेनों में नहीं दिखे।
महिला कर्मचारियों ने सराहा
मंडल महामंत्री आरडी यादव की इस मुहिम को महिला कर्मचारियों ने स्वागत किया है। सह लोकोपॉयलट के पद पर काम करने वाली महिला कर्मचारी नेहा यादव ने कहा कि संगठन के महामंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं बताई हैं। जिस पर उन्होंने कामिनी वर्मा के नेतृत्व में महिला विंग का गठन कर दिया है। अब हम अपनी सारी समस्याएं कामिनी वर्मा को बताएंगी और वह ही हमें इंसाफ दिलवाएंगी। एक अन्य महिला कर्मचारी ने बताया कि विभाग के अफसर हमसे 24-24 घंटे ड्यूटी करवाते हैं। परेशान करने के लिए दिन के बजाए रात में ड्यिटी लगाई जाती है। महिला कर्मचारियों के लिए कई स्टेशनों में टॉयलेट नहीं हैं। ऐसे कई दिक्कतों से अब महिलाओं का यह संगठन हमें मिक्त दिलाएगी। रेलवे में टीईटी पद पर तैनात सुषमा ने बताया कि किन्नर और अपराधी हमलोगों को भी नहीं छोड़ते। लूटपाट करने से पहले वह हमें शिकंजे में लेते हैं और फिर बोगी में उप्तात मचाते हैं। सूचना के बाद भी जीआरपी-आरपीएफ के जवान नहीं आते। अब यह महिला विंग यात्रियों के साथ ही कर्मचारियों की सुरक्षा करगी।

 

Vinod Nigam
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