अब शहीद की पत्नी न्याय के लिए खा रही दर-दर की ठोकरें, जानिए क्या है मामला

7 वर्षों से वह अपने भाई के घर रह रही है और दर-दर इंसाफ की गुहार लगा रही है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 09 Jun 2019, 01:30 PM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर देहात-देश की सीमा की रक्षा कर रहे सेना के जवानों को लेकर सरकार से आम जनमानस तक चिंतित रहता है। अभी हाल में शहीद हुए कानपुर देहात के जवानों के परिवार के लिए जिला प्रशासन से लेकर लोगों ने सहानुभूति जताते हुए भरपूर सहायता की। वहीं कानपुर देहात जनपद के राजपुर क्षेत्र के एक शहीद की पत्नी न्याय के किये पुलिस की चौखटों पर दर-दर भटक रही है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नही हो रही है। आरोप है कि फौजी पति की शहादत के बाद ससुरालियों ने कागजों पर धोखे से दस्तखत करा महिला को घर से निकाल दिया। वहीं भाई के घर रहकर गुजर बसर कर रही बेबस महिला अब न्याय के लिए भटक रही, लेकिन थानाध्यक्ष एफआईआर नही लिख रहे हैं। वहीं एसओ ने एसपी के आदेश को भी दरकिनार कर दिया।

 

कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के सिलहरा गांव की ऊषा निवासिनी है, उसके पति आर्मी में थे, जोकि 10 साल पहले ड्यटी के दौरान आर्मी की गाड़ी से दुर्घटना होने से मौत हो गई थी। शहीद की मौत के बाद शहीद की पत्नी से ससुरालियों ने समय के साथ-साथ बदलाव करना शुरू कर दिया। आरोप है कि ससुरालियों ने शहीद की पत्नी ऊषा से धीरे-धीरे कागजों पर साइन करा लिए और फिर उसे घर से बाहर निकाल दिया। 7 वर्षों से वह अपने भाई के घर रह रही है और दर-दर इंसाफ की गुहार लगा रही है। बताया गया कि ऊषा का भाई भी फ़ौज में है।
वह जब भी ड्यूटी से आता है तो पुलिस की चौखट पर चक्कर लगाता है, लेकिन इंसाफ आज तक नही मिला। थक हारकर शहीद की पत्नी न्याय की आस लिए कानपुर देहात के एसपी से मिली तो एसपी ने तत्काल मुकदमे के आदेश दिए, लेकिन राजपुर एसओ ने बीते दिन मुकदमा लिखने से मना कर दिया। इसके बाद मजबूर होकर शहीद की पत्नी वापस थाने से बैरंग लौट आई। वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि शहीद की पत्नी आई थी। उसके ससुराल वालों से उसका जमीन और अपने हिस्से को लेकर विवाद भी चल रहा है। जिसके चलते एसओ राजपुर को कार्यवाही के आदेश दे दिए हैं।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned