डोवाल ने छात्रों को सही निर्णय की क्षमता विकसित करने के दिए टिप्स

एनएसए ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए आईआईटीयंस से की सीधी बात
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के लीडरशिप टॉक सीरीज में बोले डोवाल

कानपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने आईआईटीयंस को बताया कि निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करें। क्योंकि सही निर्णय ही सही रास्ता बनाता है। उन्होंने कहा कि जिस देश की तकनीक जितनी मजबूत होगी उसकी सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी सुदृढ़ होगी। इसलिए नए-नए शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

अदृश्य दुश्मन से युद्ध
मानव संसाधन विकास मंत्रालय के लीडरशिप टॉक सीरीज की कड़ी में बुधवार को स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल छात्रों से रूबरू हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल ने छात्रों को बताया कि वर्तमान समय में चौथी पीढ़ी का युद्ध है। जहां दुश्मन अदृश्य है। युद्ध जीतने वाला वही होगा, जो दुश्मन को देख सकता है। एनएसए ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी को बढ़ावा मिलना चाहिए और इसलिए नए शोध को बढ़ावा दिया जाए। सीमा पर आमने-सामने के बजाए तकनीक के जरिए लड़ाई होगी। इसलिए जिस देश की सुरक्षा तकनीक जितनी मजबूत होगी उसकी ताकत उतनी ही बढ़ेगी।

निर्णय लेने की कला समझाई
एनएसए ने छात्रों को निर्णय लेने की कला के बारे में बताते हुए कहा कि फैसला लेने से पहले हर पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। फिर भी फैसले से पहले बैक-अप जरूर तैयार रखें। जिससे कि अचानक अगर फैसला गलत साबित हो तो बैक-अप के जरिए नुकसान की भरपाई की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों को चिंता और अनिश्चितता से कैसे निपटना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले उस बारे में अपना उद्देश्य स्पष्ट रखना चाहिए। निर्णय हमेशा शांत स्थिति में लिया जाना चाहिए। यदि कोई निर्णय गलत हो जाए तो उसे ठीक करने का प्रयास करें। अन्य विकल्पों में स्थानांतरित करने के बजाए निर्णय को सुधारने का प्रयास करें।

आलोक पाण्डेय
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