संतान की चाह में मासूम बच्ची का कलेजा खाने वाले दंपति पर रासुका, जानिए पूरा मामला

-बच्ची का कलेजा खाने वाले दंपति पर एनएसए की कार्रवाई,
-दीपावली की रात घाटमपुर में हुआ था ये जघन्य अपराध,
-संतान की चाह में दिया गया था इस घटना को अंजाम,

By: Arvind Kumar Verma

Published: 20 Jun 2021, 05:04 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. जिले के घाटमपुर में दिवाली की रात बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर उसका कलेजा खाने की घटना हुई थी। उस घटना को याद कर लोगों की आज भी रूह कांप जाती है। बच्ची का कलेजा खाने वाले नरभक्षी दंपती समेत सभी आरोपितों पर अब एनएसए कार्रवाई की गई है। डीएम की रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर शासन ने आरोपितों के खिलाफ रासुका तामील कराने की अनुमति दी है। साथ ही शनिवार को घाटमपुर में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल में नोटिस भी तामील करा दी गई।

घटना घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है, जहां गांव निवासी सात वर्षीय बच्ची की दिवाली की रात हत्या कर दी गई थी और पेट फाड़कर उसका फेफड़ा, लिवर और दिल निकाला गया था। दूसरे दिन उसका क्षत विक्षत शव गांव के बाहर एक खेत से बरामद हुआ था। बच्ची के हाथ पैर में लाल रंग लगा मिला था, जिससे तत्र-मंत्र में हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी। दो दिन बाद पुलिस ने जब इस मामले का पर्दाफाश किया। घटना की दास्तां सुनकर लोगों के होश उड़ गए थे। पुलिस के अनुसार मामले में अंकुल व वीरन ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद ही दोनों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई शुरू हुई थी। डीएम की संस्तुति पर शासन ने भी हरी झंडी दे दी है। इसके बाद शनिवार को थाना घाटमपुर में मुकदमा दर्ज हुआ और कानपुर देहात की माती जेल में बंद दोनों आरोपितों को रासुका का नोटिस तामील करा दिया गया।

घटनाक्रम में बताया गया था कि निसंतान परशुराम को किसी तंत्र-मंत्र की किताब से जानकारी मिली थी कि बच्ची का कलेजा खाने से उसकी पत्नी को बच्चा पैदा हो सकता है। इस पर उसने अपने भतीजे अंकुल और उसके साथी वीरन कुरील को पैसे देकर तैयार किया था। घटना की शाम अंकुल पटाखा दिलाने का लालच देकर बच्ची को घर से लेकर आया था। बच्ची का अपहरण करने के बाद दोनों ने शराब पी और उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। इसके बाद बेरहमी से चाकू से पेट काटकर दिल निकाल कर परशुराम को जाकर दिया। जिसके बाद परशुराम और उसकी पत्नी सुनैना ने रोटी में दिल रखकर खाया था।

Arvind Kumar Verma
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