एनएसआई बताएगा कैसे बनेगा कोरोना वायरस मारने वाला सेनेटाइजर

बाजार में बिकने वाले ज्यादातर सेनेटाइजर के नमूने फेल
सीखने के लिए ५०० रुपए जमा करके करा ले रजिस्ट्रेशन

कानपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सेनेटाइजर बेहद जरूरी है। इसे देखते हुए कोरोना वायरस को नष्ट करने वाला सेनेटाइजर ही संक्रमण से बचा सकता है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के वैज्ञानिक अब सेनेटाइजर बनाने का तरीका सिखाएंगे। इसके लिए संस्थान की ओर से 9 जून को एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन होगा। संस्थान के निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने को हैंड सेनेटाइजर का प्रयोग जरूरी है। इसके लिए एनएसआई में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें सेनेटाइजर बनाना सिखाया जाएगा।

बाजार में मिल रहे सेनेटाइजर के नमूने फेल
बाजार में मिल रहे कई कंपनियों के सेनेटाइजर वायरस मारने में फेल हो चुके हैं। प्रो. मोहन के मुताबिक वैज्ञानिकों की टीम ने बाजार में मिल रहे एक दर्जन से अधिक सेनेटाइजर के नमूनों की जांच लैब में की, जिनके सभी सैम्पल फेल हुए हैं। किसी में एल्कोहल 91 फीसदी तक मिला तो किसी में हाइड्रोजन परऑक्साइड की मात्रा 0.125 के बजाए 0.3 मिली। इससे ये सेनेटाइजर या तो कोरोना वायरस के संक्रमण से आपको सुरक्षित नहीं रखेंगे या फिर हाथों में रूखापन व स्किन डिजीज जैसी बीमारी दे देंगे।

५०० रुपए में कराएं रजिस्ट्रेशन
प्रो. मोहन ने बताया कि 9 जून को कोई भी व्यक्ति वेबसाइट www.nsi.gov.in पर 500 रुपए देकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सेनेटाइजर बनाने का यह पहली कार्यशाला होगी। उन्होंने बताया कि चीनी की गुणवत्ता जांचने वाला राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) अब सेनेटाइजर की जांच भी करेगा। संस्थान यह बताएगा कि आपका सेनेटाइजर कोरोना वायरस से आपको बचा रहा है या कई अन्य बीमारियां दे रहा है। संस्थान में सेनेटाइजर की गुणवत्ता की जांच शुरू हो गई है। इसे अनिवार्य करने के लिए निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इसके दुष्प्रभाव से अवगत कराया है। उन्होंने किसी भी सरकारी संस्थान या लैब को इसके लिए अधिकृत करने की मांग की है।

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आलोक पाण्डेय
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