OMG! अब महंगाई ने ट्रेन की जनरल टिकट को भी नहीं छोड़ा

OMG! अब महंगाई ने ट्रेन की जनरल टिकट को भी नहीं छोड़ा

Alok Pandey | Publish: Sep, 05 2018 01:50:17 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

रेलवे ने ट्रेनों की जनरल टिकट और एमएसटी महंगी कर दी है. इसका सीधा असर रेलवे के हजारों डेली पैसेंजर्स पर पड़ रहा है. हालांकि महंगी टिकट का बोझ रेलवे स्टेशन के बाहर खोले गए जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवा ‘जेटीबीएस’ से टिकट लेने वालों पर ही पड़ेगा.

कानपुर। रेलवे ने ट्रेनों की जनरल टिकट और एमएसटी महंगी कर दी है. इसका सीधा असर रेलवे के हजारों डेली पैसेंजर्स पर पड़ रहा है. हालांकि महंगी टिकट का बोझ रेलवे स्टेशन के बाहर खोले गए जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवा ‘जेटीबीएस’ से टिकट लेने वालों पर ही पड़ेगा. कारण है कि क्योंकि रेलवे ने एक सितंबर से जेटीबीएस का कमीशन बढ़ा दिया है. रेलवे के लागू किए गए नए नियमों से जनसाधारण टिकट बुकिंग केंद्र संचालकों में भी रोष है. उनका मानना है कि इससे केंद्र में आने वाले यात्रियों की संख्या कम होगी.

जानिए इसको भी
जनरल टिकटों की बिक्री के लिए रेल प्रशासन किसी प्राइवेट व्यक्ति को जनरल टिकट बेचने के लिए अधिकृत कर देता है. इसे जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक कहा जाता है. यहां से यात्री अभी तक एक रुपए अतिरिक्त शुल्क देकर एक्सप्रेस, सुपरफास्ट व सेकेंड क्लास का अनारक्षित टिकट प्राप्त करने के अलावा प्लेटफार्म टिकट भी खरीद सकता है.

ऐसा बताया टिकट बुकिंग केंद्र संचालक ने
सेंट्रल स्टेशन कैंट साइड स्थित जनसाधारण टिकट बुकिंग केंद्र संचालक शिवम ने बताया कि जेटीबीएस संचालकों को पांच फीसदी कमीशन सुविधा लागू की जाए. जैसे कि रेलवे एटीवीएम संचालित करने वाले रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारियों को देती है. इससे जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवा केंद्र संचालकों के साथ-साथ यात्रियों को भी काफी राहत मिलेगी.

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेलवे के लागू किए गए नए नियम से कानपुर सेंट्रल स्टेशन से प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्री व सैकड़ों आम रेल यात्री प्रभावित होंगे. रेलवे के आंकड़ों पर नजर डाले तो कानपुर सेंट्रल स्टेशन से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक एमएसटी धारक सफर करता है. वहीं 30 हजार से अधिक दैनिक यात्री लोकल ट्रेनों में सफर करता है.

हर माह बनती है 10 हजार एमएसटी
कानपुर सेंट्रल स्टेशन में कार्यरत टिकट बुकिंग क्लर्क के मुताबिक हर माह 10 हजार एमएसटी बनती हैं. इसमें सिर्फ कानपुर सेंट्रल स्टेशन के काउंटर से तीन हजार से अधिक कानपुर से लखनऊ, इटावा, इलाहाबाद, रूट की एमएसटी बनती हैं. वहीं कानपुर के विभिन्न निजी काउंटर से हर माह लगभग 6 से 7 हजार एमएसटी जारी होती है. नए नियम लागू होने से अब एमएसटी धारक को निजी काउंटरों से नया एमएसटी बनवाने में पांच रुपए अधिक देना होगा.

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