रिमझिम बारिश के बाद हवाओं ने बरसाया प्रकोप, इन फसलों को नुकसान, क्या बोले किसान जानिए

आसमान में बादल छाये होने से अभी भी किसानों के चेहरे पर चिंता के बादल दिख रहे हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Updated: 01 Mar 2020, 07:00 PM IST

कानपुर देहात-बीती रात बेमौसम हुई रिमझिम बारिश से एक बार फिर किसानों के ऊपर चिंता के बादल मंडरा गए। कानपुर देहात के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश के बाद तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया है। रिमझिम बारिश के बाद रसूलाबाद, झींझक, डेरापुर सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं ने तूफ़ान जैसा रूप लिया। जिसके बाद खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पट हो गई। वहीं लाही को भी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि जिले के कई हिस्सों में चना की खेती भी जमकर की जाती है। ऐसे क्षेत्रों में बारिश होने से अगेती कि चना फसल में फूल झड़ने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। बीते दिन सुबह से धूप के बाद अचानक बदली होने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी थी। वहीं दर शाम ही इंद्रदेव का कहर बरस उठा। बताया गया कि रसूलाबाद क्षेत्र में किसानों को गेहूं के ज्यादा नुकसान हुआ है।

प्रत्येक वर्ष एक आस लेकर किसान मेहनत से कृषि कार्य कर खेतों में फसल उगाते हैं, जिससे पूरे वर्ष की उम्मीद दिखाई देती है। इस बार भी आलू कि पैदावार अच्छी होने के बाद किसानों ने खेतों में जमकर गेहूं की बुवाई की है। किसानों के मुताबिक इस छिटपुट बारिश से अरहर और पछेती के चना फसल को नुकसान नहीं हुआ है। झींझक क्षेत्र के किसान सर्वेश ने बताया कि बीती रात हल्की बारिश के बाद तेज हवाओं से बड़े गेहूं की फसल गिरने से नुकसान हुआ है। वहीं सबसे अधिक नुकसान लाही की फसल को हुआ है। क्योंकि बारिश के बाद धूप निकलने से लाही चटकने से कटाई के दौरान लाही झरकर खेतों में गिर जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन चना की फसल में फूल निकल आये हैं, ऐसी फसलों के फूल झड़ने से चना की फसल का नुकसान हुआ हैं।

वहीं किसान राजू यादव ने बताया कि लाही को सबसे अधिक नुकसान है। गेहूं में ज्यादा नुकसान नहीं है लेकिन जो गेहूं खेतों में गिर गया वो नुकसान के दायरे में है। उन्होंने कहा कि किसान का नुकसान हो या फायदा कोई जनप्रतिनिधि देखने नहीं आता है। जब किसानों का भारी नुकसान होता है तब सरकार की तरफ से भी कोई लाभ मिलने की उम्मीद रहती है। इस नुकसान का लाभ मिलने की उम्मीद कम है। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक जिले के जिस क्षेत्र में तेज बारिश के साथ हवाओं का प्रकोप यदि रहा है तो लाही को ज्यादा नुकसान पहुंचता है, गेहूं गिरने पर नुकसान है। फिलहाल अरहर को कोई नुकसान नहीं है।

Arvind Kumar Verma
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