जेल से बाहर आया इदरीश, कहा- मैं पाकिस्तानी हूं, मुझे अपनाएं हुजूर

सेंट्रल जेल से अपनी साढ़े चार साल की सजा पूरी करने के बाद पाकिस्तान के एमसी 480 ग्रीन टाउन कराची का रहने वाला इदरीश आलम सोमवार को रिहा हो गया।

By: आकांक्षा सिंह

Published: 22 Aug 2017, 08:42 AM IST

कानपुर। सेंट्रल जेल से अपनी साढ़े चार साल की सजा पूरी करने के बाद पाकिस्तान के एमसी 480 ग्रीन टाउन कराची का रहने वाला इदरीश आलम सोमवार को रिहा हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस ने उसे जेल में रखने के लिए जेलर से कहा, लेकिन उन्होंने अपने हाथ खड़े कर लिए। इसके बाद कानपुर पुलिस ने गाजियाबाद एनआईयू से बातकर इसे ले जाने की गुहार लगाई, पर वहां से भी मायूषी हाथ लगी। इसी के बाद इदरीश ने फुटपाथ में अपना ठिकाना बना लिया। इदरीश को पुलिस ने फर्जी आईडी के जरिए सिम लेकर पाकिस्तान बात करने के आरोप में मार्च 2013 में अरेस्ट किया था। कोर्ट ने उसे चार साल की सजा सुनाई थी, जो आज पूरी हो गई। जेल से बाहर आते ही उसने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि उसे अपने मुल्क में आने दें हुजूर।


कराची का रहने वाला है इदरीश


एमसी 480 ग्रीन टाउन कराची पाकिस्तान निवासी इदरीश आलम 1999 में अपने पिता अहमद जान के बीमार होने पर 15 दिन का वीजा लेकर पाकिस्तान से मिश्रीबाजार मूलगंज कानपुर आया था। पिता की मौत के बाद वह यहीं रुक गया था। पुलिस ने उसे बिना वीजा यहां रहने पर गिरफ्तार किया था। सजा पूरी करने पर अगस्त 2010 में पुलिस उसे बाघा बार्डर पर छोड़ने गई लेकिन पाकिस्तान ने वापस नहीं लिया। इसके बाद से वह पुलिस लाइन में रह रहा था। उसने फर्जीवाड़ा कर सिम ले लिया था। इससे वह पाकिस्तान बात करता था। खूफिया विभाग की सूचना पर उसे मार्च 2013 में गिरफ्तार किया गया था। करीब चार साल की सजा काटने के बाद वह सोमवार को रिहा होने वाला था। पुलिस ने इदरीश को अभी जेल में रखने को कहा है। वहीं जेल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि सजा पूरी होने के बाद कैदी को नहीं रख सकते हैं। इन सबके बाद पाकिस्तानी इदरीश फिर से कानपुर की सड़कों पर खुलेआम बिना वीजा के घूमने लगा है।


ट्वीट के जरिए माना था पाकिस्तानी नागरिक


कनपुर की पुलिस इदरीश को लेकर बार्घा बार्डर गई, लेकिन पाकिस्तान की सरकार ने उसे अपना नागरिक मानने से इंकार कर दिया था। पर, फरवरी 2013 में पाकिस्तानी संघीय मंत्री अंसार बरनी ने ट्वीट करके बोला की इदरीश हमारे देश का नागरिक है और को भारत में उसे यातना दी जा रही है। इसके बाद कानपुर प्रशासन ने पाकिस्तान उच्चाआयोग से इदरीश के बारे में जानकारी दी, पर उन्होंने उसे पाकिस्तानी मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद इदरीश को पुलिस लाइन के एक कमरे में ना रख दिया गया। इसी दैरान उसे देश की सूचनाएं पाकिस्तान को देने के आरोप में अरेस्ट किया गया। सिर्फ बिना निगरानी के रह रहा है बल्कि गैर कानूनी रूप से मोबाइल भी इस्तेमाल कर पकिस्तान बात कर रहा है. मीडिया में खबर आने के बाद इदरीस को बिना वीसा रहने के आरोप में जेल भेज दिया। आज इदरीश को सज़ा पूरी होने पर रिहा किया गया लेकिन ग़ज़ियाबाद के शेल्टर होम ने इदरीश को लेने से मना कर दिया और पुलिस ने भी उसको बिना निगरानी जाने दिया।

 

आकांक्षा सिंह
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