बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में 2019 जीत के लिए बनी रणनीति

Ashish Pandey

Publish: Oct, 12 2017 06:04:17 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में 2019 जीत के लिए बनी रणनीति

अटल के साथ बाबा साहब बीजेपी के लिए होंगे खास.

कानपुर। भाजपा कार्यसमिति की बैठक का आगाज भौंती के इंजीनियरिंग कॉलेज पीएसआई में गर्मजोशी के साथ हुआ। जहां छह घंटे तक चली बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई तो सीएम व प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष सदस्यों के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन के बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी पदाधिकारियों को बताया और निकाय के साथ सहकारिता चुनाव फतह करने का टारगेट देकर उन्हें रवाना किया। बैठक के बाद डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने पत्रिका से खास बातचीत के दौरान बताया कि भाजपा से जुड़े नेताओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में युवाओं को पार्टी में लाने को कहा गया है। हर साल 56 लाख लोगों को भाजपा में जोडऩा है। छह प्रांतों में यह अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। पार्टी सबका साथ, सबका विकास के नारे के साथ चल रही है। वर्ष भर आयोजन तो पहले भी होते रहे, लेकिन खेलकूद दिवस को शामिल करते हुए पार्टी ने अपने छह राजनीतिक पर्वो का कैलेंडर यहां जारी किया है।
निकाय के साथ लोकसभा को लेकर चर्चा
भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक के आखिरी दिन भौंती के पीएसआई कॉलेज में यूपी के सीएम, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा यूपी सरकार की पूरी कैबिनेट मौजूद थी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की आगवाई में ये बैठक चार सत्रों में छह घंटे तक चली। इसमें निकाय और सहकारिता चुनाव में जीत के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव की राह पर मजबूत कदम बढ़ाने के लिए रणनीति बनाई गई। यहां मंथन के बाद पार्टी ने वृहद स्तर पर ऐसी रूपरेखा तय की है, जो कि लंबे समय के लिए भाजपा को सभी वर्गो से जुड़ाव रखने में मददगार होगी। इस मौके पर सीएम ने गोरखपुर और कॉशी प्रांत से आए पदाधिकारियों से वहां की जमीनी स्थित के बारे में जानकारी ली। मंच पर प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य , दिनेश शर्मा, प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कलराज मिश्र, विनय कटियार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापतिराम त्रिपाठी, लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, प्रदेश सह प्रभारी रमेश बिधूरी, रामेश्वर चौरसिया मौजूद रहे।
अटल के साथ बाबा साहब बीजेपी के लिए होंगे खास
प्रदेश पदाधिकारियों को छह कार्यक्रमों का कैलेंडर नोट कराया गया है, जिस पर उन्हें अमल कराना है। इसके तहत छह अप्रैल को पार्टी का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा। यह आयोजन पहले भी होता रहा है। मगर, 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भी अब वृहद स्तर पर अनिवार्य कर दिया गया है। 23 जून को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया जाएगा। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के कार्यक्रम जगह-जगह होंगे तो 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के जन्मदिन पर भाजपा सेवा के जरिए हर वर्ग से जुडऩे का प्रयास करेगी।

निकाय चुनाव को लेकर मंथन
बैठक में मुख्य मुद्दा नगर निकाय चुनाव ही रहा। प्रदेश पदाधिकारियों ने इसके लिए प्रत्याशी चयन पर घंटों मंथन किया। जिताऊ-टिकाऊ और स्वच्छ छवि के व्यक्ति पर दांव लगाने पर जोर दिया गया। टिकट वितरण में जातिगत समीकरण, व्यक्तिगत छवि, जीतने की संभावना तथा इलाके में पकड़ को आधार बनाया जाएगा। नगर पंचायत, नगर पालिका तथा नगर निगमों के लिए प्रत्याशियों के चयन में पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई गई। ज्यादातर पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जिताऊ चेहरे को पार्टी का टिकट दिया जाए। टिकट बंटवारे में पार्टी पदाधिकारियों की भूमिका तय होनी चाहिए। टिकट के मानक तय होने चाहिए। वार्डवार जातिगत आंकड़े, मतदाताओं की संख्या, क्षेत्रीय मुद्दों को भी ध्यान में रखा जाए। पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाए लेकिन जीतने की संभावना को ध्यान में रखा जाए। यदि जीतने की संभावना नहीं हो तो चर्चित अन्य चेहरे पर विचार किया जाए। संगठन में सक्रियता पर भी टिकट वितरण में ध्यान दिया जाना चाहिए।

निकाय चुनाव लोकसभा चुनाव का रिहर्सल
बैठक में कई पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जनता के बीच ऐसी हवा बना दी जाए कि सभी नगर निकायों पर पार्टी का कब्जा हो जाए। ठीक विधानसभा चुनाव की तरह पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव फतह करे। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव का रिहर्सल भी माना जाए। कुछ पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मामला भी उठाया। सरकार और संगठन के बीच तालमेल बैठाने पर जोर दिया गया। कहा गया कि पार्टी के हर कार्यकर्ता का सम्मान होना चाहिए। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के फैसलों से भी पार्टी पदाधिकारी जनता को अवगत कराएं। पार्षद प्रत्याशी चयन का फॉरमेट के लिए उम्मीदवार जिताऊ, टिकाऊ हो कार्यकर्ता, आपराधिक मामले में आरोपी न हो, संगठन का सक्रिय कार्यकर्ता हो, जनता के बीच दावेदार की छवि, महिला आरक्षित वार्ड में किसी की पत्नी को टिकट नहीं, संगठन के कार्यक्रमों में सहभागिता, वार्ड में जातीय आधार पर दावेदारों का चयन हो।

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