
कानपुर सेंट्रल पर लौटेगा पुराना जमाना, कुल्हड़ में चाय, मिट्टी के बर्तन में खाना
कानपुर। सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जल्द ही आपको पुराने जमाने जैसा एहसास होगा। स्टेशन पर प्लास्टिक उपयोग पर पाबंदी के चलते अब यहां कुल्हड़ में चाय मिलेगी और ट्रेन के अंदर और प्लेटफार्म पर मिट्टी के बर्तनों में खाना मिलेगा। स्टेशन पर ५० माइक्रॉन से कम मानक वाली पॉलीथिन के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है। उत्तर मध्य रेलवे के कानपुर सहित 20 बड़े रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं।
खाली बोतलें खरीदेगा रेलवे
रेलवे ने मिनरल वाटर की खाली बोतलें खरीदने का फैसला किया है। इसके एवज में यात्रियों को पानी की दूसरी बोतल लेने पर छूट देगा। रेलवे बोर्ड ने देश भर के सभी जोनल अफसरों को इस नए फैसले से अवगत करा दिया है। रेल टूरिज्म एंड कैटरिंग कारपोरेशन और पानी सप्लाई करने वाली कंपनी रेल नीर के बीच प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर बातचीत अंतिम चरण में चल रही है। अब बोतलों को यात्रियों से वापस लेने की तैयारी है। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार ङ्क्षसह ने बताया कि रेल नीर हो या फिर मिनरल वाटर की कोई और बोतल, रेल यात्री इन बोतलों को स्टेशन पर खुलने वाले सेंटरों पर वापस करेंगे, जहां से कूपन दे दिया जाएगा। दूसरी बोतल किसी भी स्टेशन या ट्रेन में खरीदते समय इस कूपन को देने पर यात्री को रियायत मिलेगी।
दूसरे चरण में ४०० स्टेशन होंगे शामिल
इस योजना के दूसरे चरण में देश भर के चार सौ रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को चाय के साथ खाना भी मिट्टी के बर्तनों में परोसने की तैयारी है। रेलवे अफसरों ने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की थी, जिसे मान लिया है। गांधी जयंती से स्टेशनों पर प्लास्टिक बैन करके टेराकोटा के उत्पादों या फिर मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करने की सिफारिश की गई है। पहले चरण में एनसीआर के प्रमुख स्टेशनों दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयाग राज, फतेहपुर, कानपुर, अनवर गंज, गाजियाबाद, टुंडला, अलीगढ़, इटावा, खुर्जा, फफूंद, झांसी, आगरा, ग्वालियर, मथुरा सहित 20 स्टेशनों पर इसकी शुरुआत की जा रही है।
Published on:
14 Sept 2019 01:12 pm
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